Tata Cars Price Hike: Tata की गाड़ियां खरीदना होगा महंगा, ₹25 हजार तक बढ़ेंगे दाम; खरीदारी से पहले जान लें पूरी डिटेल

नई दिल्ली: अगर आप आने वाले दिनों में Tata की कार या SUV खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। Tata Motors Passenger Vehicles Limited ने अपनी कारों और SUVs की कीमतों में ₹25,000 तक की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। यह बढ़ोतरी ICE और EV दोनों तरह की गाड़ियों पर लागू होगी।
कंपनी ने कीमतें बढ़ाने के पीछे बढ़ती इनपुट लागत और लगातार महंगाई के दबाव को मुख्य वजह बताया है। हालांकि, अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट पर कीमतों में बढ़ोतरी अलग-अलग होगी।
पहले तारीख को लेकर जरूरी अपडेट
उपलब्ध जानकारी में कीमत बढ़ोतरी की तारीख को लेकर विरोधाभास है—हेडलाइन में 1 दिसंबर का उल्लेख है, जबकि कंपनी के बयान में 1 सितंबर से कीमतें बढ़ाने की बात कही गई है। इसलिए खरीदारी का फैसला करने से पहले Tata Motors की आधिकारिक कीमत सूची/डीलर से लागू तारीख की पुष्टि करना जरूरी है।
₹25 हजार तक बढ़ सकते हैं दाम
कंपनी के मुताबिक, उसके पूरे पैसेंजर व्हीकल पोर्टफोलियो पर कीमतों में बदलाव किया जाएगा। हालांकि, हर कार पर ₹25,000 की समान बढ़ोतरी नहीं होगी। मॉडल और वेरिएंट के आधार पर कीमत में अलग-अलग बदलाव किया जाएगा।
कंपनी का कहना है कि बढ़ती लागत का एक बड़ा हिस्सा वह खुद वहन कर रही है, लेकिन लागत के दबाव का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना जरूरी हो गया है।
ICE और EV दोनों गाड़ियों पर पड़ेगा असर
इस कीमत बढ़ोतरी की खास बात यह है कि इसका असर सिर्फ पेट्रोल-डीजल वाली कारों तक सीमित नहीं रहेगा। Tata Motors के ICE यानी पेट्रोल/डीजल मॉडल और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) दोनों इसके दायरे में आएंगे।
यानी Tata की नई कार या इलेक्ट्रिक SUV खरीदने वालों को अब पहले की तुलना में ज्यादा बजट रखना पड़ सकता है।
Hyundai के बाद Tata ने भी बढ़ाए दाम
Tata Motors का यह फैसला ऐसे समय आया है जब ऑटो सेक्टर में लागत का दबाव बना हुआ है। इससे पहले Hyundai ने भी सितंबर से अपने पोर्टफोलियो की गाड़ियों की कीमतों में 1 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी।
ऑटो कंपनियां लगातार बढ़ती इनपुट और कमोडिटी लागत के बीच कीमतों में बदलाव कर रही हैं।
बढ़ती लागत का मार्जिन पर भी असर
ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ऑटो कंपनियों ने वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की, लेकिन कमोडिटी की ऊंची लागत ने EBITDA ग्रोथ को सीमित किया।
कच्चे तेल, एल्युमीनियम और कीमती धातुओं की कीमतों में कुछ नरमी जरूर आई है, लेकिन घरेलू स्टील की कीमतें अभी स्थिर बनी हुई हैं। ऐसे में ऑटो कंपनियों पर लागत का दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
Tata की कार खरीदने वालों के लिए क्या मतलब?
अगर आप Tata की कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो कीमत बढ़ने से पहले बुकिंग या खरीदारी करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन बुकिंग से पहले लागू कीमत, डिलीवरी डेट और प्राइस-प्रोटेक्शन की शर्तें डीलर से जरूर जांच लें।
कुल मिलाकर, Tata की कार खरीदने वालों की जेब पर आने वाले समय में अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। अब देखना होगा कि मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से कंपनी वास्तविक कीमतों में कितना बदलाव करती है।












