पेयजल व स्वच्छता विभाग के 29 अभियंता और संवेदकों के ऊपर कसेगा शिकंजा.. इसी माह होगी प्राथमिकी दर्ज,आदेश जारी…

धनबाद। मुख्यमंत्री पेयजल आपूर्ति योजना में वर्ष 2011 से 2014 तक हुए घोटाले के मामले में धनबाद एसीबी इसी माह प्राथमिकी करने जा रही है। इस संबंध में एसीबी डीएसपी नितिन खंडेलवाल ने बताया है कि सरकार ने प्राथमिकी करने का आदेश दे दिया है लेकिन अभी तक फाइल नहीं आई है। इसी माह फाइल आनी है। फाइल आते ही इस मामले में अभियंता और संवेदक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जायेगी।

महक 40 फीसदी हुआ काम, पर किया था सौ फीसदी भुगतान

मुख्यमंत्री पेयजल आपूर्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2011- 12, 2012- 13, 2013- 14 में धनबाद के निरसा, गोविंदपुर प्रखंड में 313 उच्च प्रवाही नलकूप, 3018 साधारण नलकूप और 760 सोक पिट निर्माण योजना तैयार की गई थी। योजना की सोशल ऑडिट कराए जाने पर पता चला कि केवल 40% काम के बाद ही संवेदक को पूरा भुगतान कर दिया गया है। योजना के तहत उच्च प्रवाही नलकूप लगने के लिए विभिन्न ठेकेदारों को 4.85 करोड़ रूपए, साधारण नलकूप लगाने के लिए 1.65 करोड़ रुपए और सोक पिट निर्माण के लिए 4.94 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था।

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निगरानी विभाग दर्ज करा चुका है प्राथमिकी

इस मामले में शिकायत के आधार पर निगरानी विभाग प्राथमिकी दर्ज कर चुका है। इनमें तत्कालीन कार्यपालक अभियंता संजय कुमार झा, प्रमोद कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता दया शंकर प्रसाद, तत्कालिन कनीय अभियंता सोमेश्वर मिश्रा, वंश नारायणा राम, तत्कालीन प्रमंडलीय लेखा पदाधिकारी जेम्स विलियम टोपनो के अलावा विनोद कुमार, मेसर्स विनोद इंटरप्राइजेज धनबाद मेसर्स शिवपूजन प्रसाद, धनबाद के संवेदक चंद्रशेखर झा, सियाराम राय और संवेदक मेसर्स राज कंस्ट्रक्शन, धनबाद समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।

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