अनुबंध स्वास्थ्य कर्मियों के नियमितीकरण के समर्थन में AJPMA का ऐतिहासिक रहा राज्य भर में काला बिल्ला के साथ विरोध प्रदर्शन…

रांची । ऑल झारखंड पारा मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर राज्य भर में विरोध प्रदर्शन जारी है। एनएचएम कर्मियों की हड़ताल के समर्थन में एसोसिएशन ने राज्य भर में 1 फरवरी से विरोध करने का फैसला लिया। एसोसिएशन की केंद्रीय कमिटी की आपात बैठक में निर्णय लिया गया की राज्य भर के सभी कर्मी एनएचएम कर्मियों के हड़ताल के समर्थन में काला बिल्ला लगाएंगे।

रांची सदर अस्पताल

एसोसिएशन के महासचिव ने पत्र लिखकर इसकी जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूर्व में ही दे दी है। इसके साथ साथ पत्र विभागीय मंत्री, अपर मुख्य सचिव से लेकर सभी सिविल सर्जन को दी जा चुकी है।

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निर्णय के आलोक में काला बिल्ला के साथ विरोध दर्ज कराया गया। जगह-जगह से तस्वीरों को विभाग को प्रेषित कर दिया गया।

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धनबाद में विरोध जताते स्वास्थ्य कर्मी

आपको बता दें कि 16 जनवरी मुख्यमंत्री आवास का घेराव के साथ 17 जनवरी से धरना प्रदर्शन का दौर जारी है। 24 जनवरी से NHM कर्मी आमरण अनशन पर बैठे हैं। आमरण अनशन पर बैठे कर्मी की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती चली जा रही है। इसके बावजूद विभागीय मंत्री से लेकर पदाधिकारी तक इनकी सुध लेने के लिए नहीं पहुंचा है।

साहिबगंज में जताया विरोध

अनशन स्थल पर पहुंचे जनप्रतिनिधि की तरफ से आश्वासन जरूर मिल रहा है। परंतु उस आश्वासन पर एनएचएम कर्मी अपने आंदोलन को समाप्त करने के मूड में नहीं है। लगातार एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। जिले में प्रयोगशाला जांच,बंध्याकरण, प्रतिरक्षण, प्रसव गृह, ओपीडी से लेकर अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।

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लोहरदग्गा में विरोध जताते स्वास्थ्य कर्मी

इसके बावजूद कर्मचारी की समस्याएं समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठ पाया है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी आम जनता को हो रही है। आम जनता भी अब सरकार के इस रवैया से आक्रोश व्यक्त करने लगी है। इलाज कराने आए मरीजों का कहना है सरकार को चाहिए कि अविलंब कर्मियों के मांगों पर विचार कर स्वास्थ्य सुविधा बहाल कराई जाय।

राज्य भर में अनुबंध कर्मी के नियमितिकरण के समर्थन में काला बिल्ला के साथ स्वास्थ्य कर्मी नजर आए। हरेक जिले में कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ कर्मी ने रोष प्रकट किया। मतलब साफ है की यदि जल्द सरकार इनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं देती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन उग्र होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

गोड्डा जिले के स्वास्थ्य कर्मी

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