होमगार्ड कमांडेंट सस्पेंड : ज्योति मोर्या केस में होमगार्ड कमांडेट पर गिरी गाज, सस्पेंशन के साथ ही विभागीय जांच भी शुरू

लखनऊ । ज्योति मोर्या केस में होमगार्ड कमांडेंट पर गाज गिर गयी है। राज्य सरकार ने होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे को सस्पेंड कर दिया है। मनीष दुबे पर महिला पीसीएस अफसर से अवैध रिश्ते का आरोप लगा था। मनीष दुबे फिलहाल महोबा में तैनात थे। होमगार्ड के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने जांच में दोषी पाए गए कमांडेंट मनीष दुबे के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया था।
डीजी होमगार्ड बीके मौर्य का कहना है कि मनीष दुबे को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। महासमादेष्टा की अनुशंसा पर महोबा के जिला कमांडेंट मनीष दुबे को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही गठित की गई है। होमगार्ड के डीआईजी मुख्यालय विवेक कुमार सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
मनीष दुबे के खिलाफ शिकायत साबित होने की बात सामने आई है। इस मामले में डीआईजी की जांच में जिन आरोपों को आलोक मौर्य की लगाया गया था, उसके सही होने की बात कही जा रही है। सरकार की ओर से तमाम पहलुओं और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। मनीष दुबे को सस्पेंड करते हुए होमगार्ड मुख्यालय लखनऊ से अटैच कर दिया गया है।
ज्योति मौर्य के पति आलोक मौर्य ने मनीष दुबे पर गंभीर आरोप लगाया था। आलोक मौर्य ने अपने शिकायत पत्र में मनीष दुबे और ज्योति मौर्य के बीच संबंधों का आरोप लगाया गया। इसको लेकर उन्होंने खुद की हत्या की साजिश भी रचने का आरोप लगाया था। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया था कि मनीष दुबे और ज्योति मौर्य ने मिलकर भ्रष्टाचार किया। इससे संबंधित कागजात भी पेश किए जाने का दावा आलोक मौर्य की ओर से किया गया।











