सरकारी स्कूलों में शुरू होगी हेडमास्टर नियुक्ति प्रक्रिया: शिक्षा विभाग ने JPSC को लिखा पत्र, 3 हजार से अधिक पदों पर जल्द बहाली

रांची । झारखंड के जिन सरकारी स्कूलों में प्रधानाध्यापक नहीं है उन स्कूलों को जल्द ही प्राचार्य मिलेंगे । शिक्षा विभाग तैयारी में जुट गया है। इस संबंध में शिक्षा सचिव के रवि कुमार ने झारखंड लोक सेवा आयोग के सचिव को पत्र लिखा है। सचिव ने लिखा है कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अंतर्गत झारखंड प्लस टू विद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी नियुक्ति एवं सेवा शर्त नियमावली 2022 पर सहमति दी गई है। कार्मिक विभाग द्वारा पूर्व में ही राज्य के 59 राजकीय / राज्यकियकृत बालक एवं बालिका+2 विद्यालयों में 39 पदों पर सीधी नियुक्ति के लिए अधियाचना झारखंड लोक सेवा आयोग को भेजा है।
राज्य के स्कूलों में प्रिंसिपल के 3226 पद सृजित , मात्र 130 हेड मास्टर ही सेवाएं दे रहे हैं
वर्ष 2006 से सरकारी स्कूलों में प्राचार्य की नियुक्ति नहीं हो पाई थी। सरकार के आंकड़े बताते हैं कि काफी सालों से सरकारी स्कूलों में हेडमास्टर की नियुक्ति नहीं हुई है। अब तक के प्रभार के भरोसे ही काम का चल रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य के स्कूलों में प्रिंसिपल के 3226 पद सृजित हैं जबकि मात्र 130 हेड मास्टर ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सरकारी स्कूलों के एडमिनिस्ट्रेशन के काम देखने के लिए प्राचार्य के पद है। लेकिन प्राथमिक माध्यमिक स्कूलों में प्राचार्य के 90 फ़ीसदी पद रिक्त रिक्त हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत 9898 स्कूलों में अरसे से हेड मास्टर नहीं है। केंद्र सरकार की शर्तों के मुताबिक अभियान के अंतर्गत प्रत्येक उत्क्रमित स्कूल में 3 संविदा आधारित पदों का सृजन किया गया है इन पर पारा शिक्षक कार्यरत हैं।
राज्य के 10 जिले हैं जहां प्रधानाध्यापक के कुल 711 पद स्वीकृत हैं। हेड मास्टर के अभाव में पठन-पाठन पर गहरा असर पड़ रहा है। वही जानकारी के अनुसार राज्य के 24 जिलों में 7 जिले ऐसे हैं जहां के मूल्यों में एक स्थाई हेड मास्टर नहीं है।
बता दें कि प्रिंसिपल नियुक्ति के लिए पहली बार 23 फरवरी 2017 को 668 पदों के लिए विज्ञापन निकला था विज्ञापन जेपीएससी की ओर से निकाला गया था। जिसके बाद किसी जरूरी कारण का हवाला देते हुए 18 सितंबर 2019 नियुक्ति वाले विज्ञापन को रद्द कर दिया था।












