हाईकोर्ट: क्रूर पति से जन्म लेने वाला बच्चा नहीं चाहिये, लव मैरिज के साल भर बाद ही पति-पत्नी में इतना बढ़ा विवाद, हाईकोर्ट ने गर्भपात की …..

High Court: A child born to a cruel husband should not be wanted, after a year of love marriage, the dispute between husband and wife increased so much, High Court ordered abortion...

Highcourt News: क्रूर पति से होने वाला बच्चा नहीं चाहिये… महिला की मांग पर हाईकोर्ट ने गर्भपात की इजाजत दे दी है। पति-पत्नी दोनों ने साल भर पहले ही लव मैरिज की थी, लेकिन शादी के बाद दोनों के रिश्ते इतने खराब हो गये, कि दोनों एक पल भी साथ नहीं रहना चाहते। पत्नी ने गर्भ में पल रहे बच्चे के अबॉर्शन की अनुमति हाईकोर्ट से मांगी।

 

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मामला मध्यप्रदेश के इंदौर का है, जहां पति-पत्नी की काउंसिलिंग के बाद भी रिश्ते नहीं सुधरे। सुनवाई में जज ने भी समझाइश दी, लेकिन एजुकेटेड पति-पत्नी साथ रहने को राजी नहीं हुए। पत्नी ने कहा कि वह क्रूर पति से जन्मा बच्चा नहीं चाहेगी। अगर वह इस दुनिया में आया, तो उसका भविष्य खराब हो जाएगा और अबॉर्शन की गुहार लगाई। आखिरकार हाईकोर्ट की अनुमति के बाद गुरुवार को डॉक्टरों की टीम ने महिला ने अबॉर्शन करा लिया।

 

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महिला ने बताया कि वह बच्चे को जन्म देना नहीं चाहती। उसे 18 हफ्ते का गर्भ है। एडवोकेट ने महिला को समझाया भी कि परिवार के साथ बैठकर बातचीत करें, लेकिन महिला नहीं मानी। इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई।जानकारी के मुताबिक युवक-युवती की शादी के लिए दोनों के परिवार वाले पहले राजी नहीं थे। पिछले साल दोनों ने लव कम अरेंज मैरिज की। कुछ महीने सबकुछ अच्छा चला, लेकिन फिर छोटी-छोटी बात पर झगड़ा होने लगा। इस बीच पत्नी गर्भवती हो गई।

 

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पत्नी ने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का केस दर्ज करा दिया। दोनों केस अभी विचाराधीन हैं।पत्नी के गर्भ को 18 हफ्ते हो गए। स्थिति ऐसी बन गई कि दोनों अलग रहने लगे। महिला का कहना है कि उसके परिवार की स्थिति ऐसी नहीं है कि पति की दहेज की हर मांग को पूरी कर सके।

 

दोनों के परिवारों के बुजुर्ग लोगों ने भी समझाया, लेकिन वे जिद पर अड़ गए कि साथ नहीं रहेंगे। इसी महीने महिला ने सीनियर एडवोकेट ऋषि आनंद चौकसे के जरिए हाईकोर्ट में अबॉर्शन की अनुमति मांगी।

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