हर जिले में बनेंगे 10 बेड का आयुष हॉस्पिटल.. निदेशक ने सभी जिला पदाधिकारी को लिखा पत्र… जानिए कैसे होगा इलाज….

रांची देसी चिकित्सा व्यवस्था पद्धति पर विश्वास रखने वाले मरीजों के लिए एक अच्छी खबर है। एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति की तर्ज पर राज्य भर में अब आयुर्वेद के सहारे लोगों का इलाज होगा। इसके लिए इंडोर आयुर्वेदिक पद्धति का निर्माण होगा। फिलहाल ऐसे हॉस्पिटल में 10 बेड की सुविधा होगी और मरीजों को इलाज की सुविधा मिलेगी।

जिले में बनेंगे अलग अस्पताल

आयुष विभाग के निदेशक ने सभी जिला आयुष पदाधिकारी को पत्र भेजकर अस्पताल निर्माण की दिशा में कार्रवाई करने को कहा है। दस दस बेड का अस्पताल राज्य के सभी 24 जिलों में बनेंगे। पत्र में कहा गया है कि देशी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने और मरीजों को देश की प्राचीन चिकित्सा पद्धति से लाभ दिलाने के लिए जरूरतमंद मरीज को आयुष अस्पताल में भर्ती कराकर आयुष चिकित्सा पद्धति से नो साइड इफेक्ट वाला इलाज किया जाएगा।

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ऐसे होगा इलाज

आयुष चिकित्सा के लिए अब तक आउटडोर सुविधा रही है। 10 बेड वाले आयुष अस्पताल उपलब्ध हो जाने के बाद अब मरीजों को इंडोर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराएगी। अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर आयुष चिकित्सा पद्धति से इलाज कराया जा सकेगा। कुल 25 डिसमिल जमीन पर आयुष अस्पताल का निर्माण किया जाएगा।

आयुष चिकित्सा पद्धति का होता है नो साइड इफेक्ट

कोरोना काल सहित आए दिन पनप रहे विभिन्न रोगों को देखते हुए भारत वर्ष सहित लगभग पूरे विश्व का झुकाव आयुष विशेषकर प्राकृतिक चिकित्सा आयुर्वेदिक की ओर बढ़ा है। जिसमें आयुष चिकित्सा के 3 विंग आयुर्वेदिक चिकित्सा, होम्योपैथिक चिकित्सा और यूनानी चिकित्सा पद्धति को नो साइड इफेक्ट वाला चिकित्सा पद्धति बताया गया है।

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