दिवाली की रात दिल का दौरा और फिर… बेटे की मौत के बाद ससुर ने बहू को दुल्हन बनाकर रचाई शादी….दिखाई ऐसी दरियादिली कि रो पड़े लोग…

दिवाली की रात दिल का दौरा और फिर… बेटे की मौत के बाद ससुर ने बहू को दुल्हन बनाकर रचाई शादी….दिखाई ऐसी दरियादिली कि रो पड़े लोग…
अंबाजी (गुजरात): जहां समाज आज भी विधवा स्त्री को तानों, तिरस्कार और अपशकुन के बोझ तले दबा देता है — वहीं गुजरात के एक पिता ने ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे देश का दिल छू लिया। दिवाली की रात दिल का दौरा पड़ने से बेटे की मौत के बाद, एक ससुर ने अपनी बहू को दुल्हन बनाकर उसकी दूसरी शादी करवा दी, ताकि वह फिर से मुस्कुरा सके, फिर से जी सके।
दिवाली की रात उजड़ गया घर
अंबाजी के रहने वाले प्रवीण सिंह राणा के बेटे सिद्धराज की दिवाली के त्योहार के दौरान दिल का दौरा पड़ने से अचानक मौत हो गई। युवा उम्र में बेटे को खोने का दर्द इतना बड़ा था कि कोई भी इंसान टूट जाए — लेकिन इस दुख के बीच उन्होंने अपनी विधवा बहू और तीन महीने की पोती को टूटने नहीं दिया।
“बहू नहीं, बेटी है मेरी” — ससुर का बड़ा फैसला
जहां समाज बहू को ज़िंदगीभर सफेद साड़ी में देखने की सोच रखता है, वहीं प्रवीण सिंह राणा ने कुछ अलग किया।
उन्होंने अपने बेटे के करीबी दोस्त से बहू की शादी करवाने का फैसला लिया — ताकि वह फिर से एक नया जीवन शुरू कर सके।
शादी के वक्त जब उन्होंने उसे विदा किया, तो एक पिता की तरह फूट-फूट कर रो पड़े।
वो विदाई सिर्फ एक बहू की नहीं, बल्कि एक बेटी की थी, जिसे उन्होंने दर्द से निकलकर नई उम्मीद दी।
सोशल मीडिया पर लोग कर रहे हैं सलाम
जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर पहुंची, नेटिज़न्स भावुक हो उठे।
कई यूज़र्स ने लिखा —
“आज इंसानियत पर यकीन फिर से लौट आया।”
“ऐसे ससुर ही समाज को नई दिशा दिखा सकते हैं।”
एक मिसाल जिसने समाज की सोच बदल दी
प्रवीण सिंह राणा ने साबित कर दिया कि रिश्ते खून से नहीं, इंसानियत से बनते हैं।
जहां लोग विधवाओं को बदनसीबी का प्रतीक मानते हैं, वहीं इस पिता ने अपनी बहू को खुशियों की दुल्हन बना दिया।
उनका यह कदम आज पूरे देश के लिए एक प्रेरणा और उदाहरण बन गया है।












