शिवालयों की घंटियों संग गूंजा बम-बम भोले..कांवड़ यात्रा ने बढ़ाई आस्था की रौनक, मंदिरों से बाजार तक दिखा शिवमय माहौल…
शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा के लिए योगी सरकार का खास प्लान; कांवड़ यात्रा से ₹1500 करोड़ के कारोबार की उम्मीद

लखनऊ। सावन माह के साथ शुरू हुई कांवड़ यात्रा ने पूरे उत्तर प्रदेश को शिवमय बना दिया है। शिव मंदिरों में घंटियों की गूंज, ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा है। हरिद्वार, कछला घाट और गंगोत्री से गंगाजल लेकर निकले लाखों कांवड़िये अपने-अपने शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। श्रद्धालुओं की आस्था, अनुशासन और उत्साह ने इस यात्रा को धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बना दिया है।
शिवालयों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों—काशी विश्वनाथ, नागेश्वरनाथ (अयोध्या), प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर सहित छोटे-बड़े शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बरेली जोन सहित नौ जिलों में 19 बिंदुओं पर संवाद मॉडल लागू किया गया है, जिसके तहत पुलिस प्रशासन धर्मगुरुओं और स्थानीय लोगों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है।
यात्रा मार्गों पर सुरक्षा के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है, ताकि अफवाहों और असामाजिक गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा विश्राम स्थल, प्रकाश व्यवस्था और सेवा शिविरों की भी व्यापक व्यवस्था की गई है।
बाजारों में बढ़ी रौनक
कांवड़ यात्रा का असर प्रदेश के बाजारों में भी साफ दिखाई दे रहा है। महादेव के स्लोगन वाली टी-शर्ट, भगवा गमछे, वाटरप्रूफ मोबाइल कवर, हाफ पैंट, स्टील के सजावटी कलश और पूजन सामग्री की बिक्री में तेजी आई है।
व्यापारियों के अनुसार युवाओं के बीच “काल उसका क्या करे, जो भक्त हो महाकाल का” जैसे स्लोगन वाली टी-शर्ट सबसे ज्यादा पसंद की जा रही हैं।
₹1500 करोड़ के कारोबार की उम्मीद
आस्था के इस महापर्व से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। व्यापारिक अनुमान के अनुसार, इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश में करीब ₹1500 करोड़ का कारोबार होने की संभावना है। वहीं, मेरठ में अकेले लगभग ₹300 करोड़ के व्यापार का अनुमान लगाया गया है।
व्यापारियों का मानना है कि जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ेगी, बाजारों में खरीदारी और कारोबार में और तेजी आएगी। इस तरह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन भी बनती जा रही है।






