झारखंड : बोकारो में रंगदारी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार…दो कुख्यात गिरोहों के 7 गुर्गे गिरफ्तार…हथियार और सामान बरामद
Major Crackdown on Extortion Network in Bokaro... 7 Henchmen from Two Notorious Gangs Arrested... Weapons and Contraband Recovered.

बोकारो पुलिस ने रंगदारी के बढ़ते मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए दो बड़े आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस अभियान में सात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जो व्यापारियों, ठेकेदारों और जमीन कारोबारियों को धमकाकर पैसे वसूलते थे। इस पूरे मामले की जानकारी एसपी हरविंदर सिंह ने दी।
ये हैं गिरोह के मुख्य आरोपी
गिरफ्तार किए गए अपराधियों में प्रिंस कुमार गुप्ता उर्फ भाटिया को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इसके अलावा श्याम कुमार सिंह, अजय सिंह, ओमप्रकाश पाल, जैनेंद्र शुक्ला, गोलू कुमार और भूपेंद्र सिंह भी पकड़े गए हैं। जांच में सामने आया है कि ये सभी कुख्यात प्रिंस खान और अमन साहू गिरोह के लिए काम कर रहे थे।
नंबर जुटाने से लेकर वसूली तक, पूरा नेटवर्क सक्रिय
पुलिस के अनुसार, ये आरोपी कारोबारियों और ठेकेदारों के मोबाइल नंबर इकट्ठा कर अपने सरगनाओं तक पहुंचाते थे। इसके बाद धमकी भरे कॉल कर रंगदारी मांगी जाती थी और रकम वसूलने का जिम्मा भी इन्हीं के पास होता था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई मोबाइल फोन और अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड जब्त किए हैं।
हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर फायरिंग
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस टीम आरोपी प्रिंस कुमार गुप्ता की निशानदेही पर हथियार बरामद करने पहुंची। इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें प्रिंस गुप्ता के पैर में गोली लगी। फिलहाल उसका इलाज बोकारो जनरल अस्पताल में चल रहा है।
कारोबारियों को लगातार मिल रही थीं धमकियां
पिछले कुछ समय से बोकारो में कारोबारियों के बीच डर का माहौल बना हुआ था। अमन साहू गिरोह के नाम पर राहुल दुबे और मयंक सिंह के नेटवर्क के साथ-साथ प्रिंस खान गिरोह का खौफ दिखाकर रंगदारी मांगी जा रही थी। प्रकाश शुक्ला नाम के व्यक्ति के जरिए अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे कॉल और मैसेज भेजे जा रहे थे।
SIT की त्वरित कार्रवाई से खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क को ट्रैक किया और दोनों मामलों का खुलासा करते हुए सात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
आगे की जांच जारी
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह के तार किन अन्य शहरों और राज्यों तक फैले हुए हैं।












