झारखंड JPSC घोटाले में बड़ा धमाका!: 5 जिलों में CID की ताबड़तोड़ छापेमारी, कोचिंग सेंटर से एडमिट कार्ड, OMR शीट और दस्तावेज जब्त
कोचिंग सेंटर से जुड़े मिले धांधली के तार, CID रेड में एडमिट कार्ड-OMR शीट समेत कई अहम सबूत बरामद

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। मामले की जांच कर रही CID ने सोमवार तड़के राज्य के पांच जिलों में 18 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। शुरुआती जांच में कथित तौर पर कोचिंग सेंटर से धांधली के तार जुड़ने की बात सामने आई है।
सुबह 2 बजे से 6 बजे तक चली गोपनीय कार्रवाई
CID की यह कार्रवाई रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में सोमवार सुबह 2 बजे से 6 बजे के बीच गोपनीय तरीके से की गई। जांच एजेंसी के मुताबिक, जिन ठिकानों पर छापेमारी हुई, उनके कथित संबंध JPSC मुख्यालय, टीडीपीएल कंपनी और उसके पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी से जुड़े बताए जा रहे हैं।
कोचिंग सेंटर पर रेड, कई अहम दस्तावेज जब्त
रांची के लालपुर स्थित पतंजलि एकेडमी और उसके संचालक संजीत उर्फ गोल्डेन के ठिकानों पर भी CID ने दबिश दी। जांच में आरोप सामने आया है कि अभय तिवारी की टीम कथित तौर पर OMR शीट सबसे पहले इसी कोचिंग संस्थान में लाती थी, जहां सवालों के सही उत्तर तैयार कर OMR शीट भरी जाती थी।
छापेमारी के दौरान CID ने कई महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की, जिनमें शामिल हैं—
- लैपटॉप और मोबाइल फोन
- बैंक पासबुक और चेकबुक
- अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड
- मार्कशीट
- OMR शीट की कार्बन कॉपी
- अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज
इन दस्तावेजों की अब फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जाएगी।
किन-किन जगहों पर हुई छापेमारी?
CID ने राज्य के कई जिलों में अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की।
- रांची: लालपुर स्थित पतंजलि एकेडमी, धुर्वा में संचालक रवि कुमार और नामकुम में आदित्य पांडेय के ठिकाने।
- बोकारो: सेक्टर-3सी स्थित सनत प्रकाश के आवास और परिसर।
- पलामू: डालटनगंज के पांकी रोड स्थित कोचिंग संचालक रविशंकर और बीएन कॉलेज के शिक्षक संतोष कुमार सिंह के परिसर।
- धनबाद: सरायढेला और हाउसिंग कॉलोनी के कई ठिकाने।
- हजारीबाग: गंगादोहर स्थित JPSC परीक्षा पास करने के आरोपी सुमन सौरभ के आवास पर भी छापेमारी की गई।
CID ने अभी नहीं दिया आधिकारिक बयान
फिलहाल CID की ओर से इस पूरी कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, एक साथ पांच जिलों में हुई इस बड़ी छापेमारी के बाद झारखंड के शैक्षणिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जांच एजेंसी अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।












