JPSC-JSSC Protest: आंदोलन के 15वें दिन बड़ा सियासी कनेक्शन! AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पहुंचीं, देवेंद्र महतो से मुलाकात के बाद कही बड़ी बात
“15 दिन से भूख हड़ताल पर देवेंद्र महतो, अचानक पहुंचीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा… बोलीं- जब तक मांग पूरी नहीं, जारी रहेगी आवाज”

Ranchi: झारखंड में JPSC-JSSC समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर जारी आंदोलन अब लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के 15वें दिन दिल्ली से आईं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आंदोलनरत अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक उनकी आवाज उठाई जाती रहेगी।
नेहा बोरा ने देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत के दौरान कहा कि AISA, झारखंड के युवा और पूरा देश अभ्यर्थियों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा।
JLKM नेत्री देवी महतो से भी हुई बातचीत
अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर नेहा बोरा ने JLKM की नेत्री देवी महतो से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह भाकपा माले के दोनों विधायकों से मुलाकात कर अभ्यर्थियों की मांगों को उनके सामने रखेंगी।
झारखंड विधानसभा में भाकपा माले के दो विधायकों के तौर पर निरसा से अरूप चटर्जी और सिंदरी से चंद्रदेव महतो का उल्लेख किया गया है।
पहले भी छात्रों के समर्थन में सामने आ चुके हैं अरूप चटर्जी
बताया गया कि निरसा विधायक अरूप चटर्जी पहले ही आंदोलनरत अभ्यर्थियों से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने छात्रों के बीच पहुंचकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि वह अभ्यर्थियों के साथ खड़े हैं।
विधानसभा में भी उन्होंने अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वह उनके साथ इस लड़ाई में खड़े रहेंगे।
15वें दिन भी जारी है भूख हड़ताल
JPSC-JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन 15वें दिन भी जारी है। भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों के समर्थन में अब विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी देखने को मिल रही है।
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की मुलाकात के बाद आंदोलन को समर्थन देने वालों की सूची में एक और नाम जुड़ गया है। अब देखना होगा कि सरकार और आंदोलनरत अभ्यर्थियों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे और बड़ा रूप लेता है।












