सरायकेला में 22 लाख के तीन हार्डकोर नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा… अब खुलेंगे ₹1 करोड़ के इनामी असीम मंडल के राज
25 साल से जंगल का 'खौफ' था शंकर... अब खुलेंगे ₹1 करोड़ के इनामी असीम मंडल के राज!

Seraikela:
सरायकेला-खरसावां पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार 22 लाख रुपये के तीन इनामी हार्डकोर नक्सलियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार नक्सलियों के तार ₹1 करोड़ के इनामी शीर्ष माओवादी असीम मंडल उर्फ आकाश से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। अब सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
25 साल से नक्सली गतिविधियों में था सक्रिय
प्रेसवार्ता में एसपी मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों में सबसे बड़ा नाम मदन महतो उर्फ शंकर का है, जिस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह पिछले करीब 25 वर्षों से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय था और उसके खिलाफ झारखंड व पश्चिम बंगाल में 41 से अधिक मामले दर्ज हैं। कई बड़े नक्सली हमलों और 62 सुरक्षाकर्मियों की शहादत से जुड़े मामलों में भी उसकी भूमिका सामने आई है।
रणनीतिक मास्टरमाइंड और विस्फोटक विशेषज्ञ भी गिरफ्तार
पुलिस ने 5 लाख के इनामी बरिन सिंह उर्फ सागर को भी गिरफ्तार किया है। वह संगठन में हमलों की योजना बनाने, दस्तों का संचालन करने और नए कैडरों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी संभालता था।
वहीं 2 लाख की इनामी मीना पहाड़िया उर्फ मौरा संगठन की विस्फोटक विशेषज्ञ थी। वह IED, लैंडमाइंस तैयार करने, विस्फोटक लगाने और रसद आपूर्ति जैसे अहम कार्यों में शामिल रहती थी।
AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद
अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के कब्जे से AK-47 राइफल, इंसास राइफल, एक पिस्टल, कॉर्डेक्स वायर और करीब 250 राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
अब असीम मंडल तक पहुंचने की तैयारी
एसपी मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि पूछताछ में मिले इनपुट से ₹1 करोड़ के इनामी असीम मंडल उर्फ आकाश के नेटवर्क की अहम जानकारी मिली है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान तेज करेंगी।
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में माओवादी संगठन आर्थिक संकट से जूझ रहा था और लेवी वसूली बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान मिली सटीक खुफिया सूचना के आधार पर आईजी ऑपरेशन के स्तर पर रणनीति बनाई गई और संयुक्त अभियान चलाकर तीनों इनामी नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का कहना है कि मजबूत खुफिया तंत्र और सुरक्षा बलों के बेहतर समन्वय से वर्षों से फरार इनामी नक्सलियों तक पहुंचना संभव हुआ है। आने वाले दिनों में नक्सल नेटवर्क के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।









