रांची में वन्यजीव तस्करी का बड़ा खुलासा! होटल से मिले मॉनिटर लिजार्ड के अंग, तीन आरोपी गिरफ्तार
Major Wildlife Trafficking Racket Busted in Ranchi! Monitor Lizard Parts Recovered from Hotel; Three Accused Arrested

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में वन्यजीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो यानी WCCB की संयुक्त कार्रवाई में मॉनिटर लिजार्ड यानी गोह के अंगों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद शहर में सनसनी फैल गई है और वन्यजीव तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका भी जताई जा रही है।
गुप्त सूचना के बाद होटल में मारी गई रेड
जानकारी के मुताबिक 14 मई की सुबह वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि मेन रोड स्थित नटराज होटल में कुछ संदिग्ध लोग ठहरे हुए हैं और वन्यजीव अंगों की अवैध तस्करी की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही वन विभाग और WCCB की टीम हरकत में आई और जांच शुरू की गई।
होटल के कमरे से बरामद हुए 30 गोह के अंग
दोपहर करीब 12:30 बजे संयुक्त टीम ने डेली मार्केट के पीछे स्थित होटल में छापेमारी की। तलाशी के दौरान कमरे नंबर 203 में तीन संदिग्ध लोग मिले।
जांच के दौरान एक काले रंग के प्लास्टिक बैग से करीब 30 मॉनिटर लिजार्ड के अंग बरामद किए गए। बरामदगी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और टीम ने तत्काल तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
तीनों आरोपियों ने पूछताछ में किया इनकार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजीव रंजन मिश्रा, अविनाश आनंद और अरुण राम के रूप में हुई है। तीनों रांची के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मामले में किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया। हालांकि होटल प्रबंधन ने जांच टीम को बताया कि कमरे नंबर 203 और 206 की बुकिंग पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर निवासी विष्णु कुमार गुप्ता के नाम से की गई थी।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
कार्रवाई के बाद वन विभाग ने तीनों आरोपियों को डोरंडा स्थित वन प्रमंडल पदाधिकारी कार्यालय ले जाकर आगे की प्रक्रिया शुरू की।
अधिकारियों के अनुसार मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 और संशोधित 2022 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। इसे गंभीर और संज्ञेय अपराध माना गया है।
वन विभाग ने दी सख्त चेतावनी
वन विभाग ने साफ कहा है कि वन्यजीवों की अवैध तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इस तस्करी नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।












