झारखंड में शराब घोटाले का मामला : ACB ने पूर्व आयुक्त समेत 15 लोगों को भेजा समन, जांच तेज

Jharkhand liquor scam case: ACB summons 15 people including former commissioner, investigation intensified

रांची : झारखंड में करोड़ों रुपये के शराब घोटाले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब यह मामला दिल्ली और हरियाणा तक पहुंच चुका है। ACB ने झारखंड के एक वर्तमान अधिकारी समेत 15 लोगों को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है।

 किन-किन लोगों को भेजा गया है समन

ACB ने वर्तमान उत्पाद सचिव मनोज कुमार और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए तत्कालीन उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश को समन भेजा है। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जोन में कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसियों के सीईओ, निदेशक और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को भी नोटिस जारी किया गया है। सभी से 8 जून के बाद ACB कार्यालय में पूछताछ होगी।

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अब तक की जांच में कौन-कौन गिरफ्तार

पूर्व उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे

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संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह

जेएसीबीसीएल के दो पूर्व जीएम फाइनेंस : सुधीर कुमार और सुधीर कुमार दास

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वहीं, विजन हॉस्पिटलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड और मार्शन इनोवेटिव सेक्यूरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के सात निदेशकों को पहले ही समन किया जा चुका है, जिनसे 3 और 4 जून को पूछताछ होनी है।

इन कंपनियों और निदेशकों को भी भेजा गया है नोटिस

  1. ए टू जेड इन्फ्रा सर्विस, गुड़गांव
    सीईओ : अमित इंद्रसेन मित्तल

निदेशक : दीपाली मित्तल, मनोज तिवारी, अरुण गौड़, रीतू गोयल, परमात्मा सिंह राठौर

चेयरपर्सन : प्रतिमा खन्ना

यह कंपनी धनबाद, सरायकेला-खरसांवा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में मानव संसाधन प्रदाता के तौर पर कार्यरत थी।

  1. ईगल हंटर्स सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड
    निदेशक : दक्ष लोहिया, सरोज लोहिया, महाराज सिंह

एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर : बृह हैरी संधू

  1. प्राइम वन वर्क फोर्स प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल
    निदेशक : संजीव जैन और राजीव द्विवेदी

इन सभी कंपनियों से जुड़े निदेशकों और अधिकारियों को ACB ने समन भेजकर तलब किया है। पूछताछ के माध्यम से एसीबी यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इन कंपनियों की भूमिका मानव संसाधन प्रबंधन की आड़ में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी थी।

जांच का दायरा हुआ व्यापक, दिल्ली-हरियाणा तक जांच की आंच

शराब घोटाले की जांच अब राज्य सीमाओं से बाहर निकलकर दिल्ली और हरियाणा तक पहुंच चुकी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि इस घोटाले में मल्टी-स्टेट नेटवर्क और कॉरपोरेट कनेक्शन की भूमिका संदिग्ध है।

ACB जांच में तेजी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

ACB द्वारा भेजे गए समन के बाद संबंधित एजेंसियों की चेतावनी और निगरानी बढ़ा दी गई है। ACB सूत्रों के अनुसार, जल्द ही और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। विभागीय स्तर पर सभी दस्तावेजों और लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है।

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