छत्तीसगढ़ में आफत की बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया 20 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, कई गांव हुए बाढ़ से प्रभावित

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बीते तीन चार दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते राजधानी में लोगों को काफी समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्रदेश में कई जिलों में अधिक भारी बारिश होने से जलभराव जैसी समस्या ने जन्म ले लिया है। जिससे प्रदेश के कई जिलों में लोगों का जीवन अस्त व्यस्त है। वहीं बीते दिन शुक्रवार को प्रदेश में हुई भारी बारिश के चलते सिमगा तहसील का देवरीडीह डैम फूट गया है। जिसके कारण दरचूवा, खंडवा, गणेशपुर और बैकोनी गांव में जलभराव की स्थिति बनी हुई हैं। वहीं, गांव में आई बाढ़ ने तीन लोगो को अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे उनकी जान खतरे में आ गई। जिसके बाद SDRF और होम गार्ड की टीम ने देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इसके आलावा बांध से लगे गणेशपुर में बाढ़ के चलते ग्रामीणों को विश्रामपुर गांव में शिफ्ट कर दिया गया हैं।

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वहीं, कांकेर में भारी बारिश से कई गांव डूब कर टापू में तब्दील हो गए हैं। इसके आलावा बिलासपुर में बरसात का पानी घरों के अंदर घुस गया है। साथ ही नेशनल हाइवे-163 तारलागुड़ा और नेशनल हाइवे-63 पर पानी पुल के 4 फीट तक ऊपर बहता हुआ दिखाई दिया। जिसके कारण छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। साथ ही बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक में कई गांव में बाढ़ से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, राजिम के त्रिवेणी संगम में जल स्तर बढ़ने से कुलेश्वर महादेव के मंदिर तक पानी का बहाव चला गया, जिसके चलते लोगों को कुलेश्वर महादेव के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, बीते दिन शुक्रवार को कोयलीबेड़ा में मेंढकी नदी उफान पर होने के कारण साप्ताहिक बाजार नहीं लग पाया। जिससे लोगों को खाने पीने की चीजों के लिए भारी समस्याओ से जूझना पड़ रहा है।

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मौसम विभाग ने जारी किया इन जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट

वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 जिलों में अगले 20 घंटों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी कर दिया है, इनमें बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी और कांकेर जिले में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गयी है।इसके साथ ही मौसम विभाग ने बताया कि, 30 जुलाई तक छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बने रहने की संभावना है। जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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बेमेतरा में बारिश के चलते स्कूलों में 3 दिन की छुट्टी

वहीं, बेमेतरा जिले में भारी बारिश के आसार को देखते हुए आज शनिवार से तीन दिन के लिए स्कूलों में छुट्टी दे दी गई है। साथ ही गौरेला-पेंड्रा मरवाही जिले में जावस नदी ऊफान पर होने के चलते डाड़जमडी गांव का पंचायत और जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।

इस मानसून सीजन में बारिश की कमी की भरपाई : मौसम विभाग

अच्छी बारिश के चलते इस मानसून सीजन में वर्षा की कमी की भरपाई हो गई है। मौसम विभाग के मु​ताबिक, शुक्रवार (26 जुलाई) तक प्रदेश में 506.4 मिमी बारिश हो चुकी है। जबकि इस दिन तक मानसून की औसत बारिश 507.2 मिमी है। यानी कोटे का 100 फीसदी बारिश हो चूका है।

वहीं मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, 30 जुलाई तक प्रदेश में मानसून की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इससे प्रदेश भर में हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बनी रहेगी। मानसून 24 जून के बाद ही पूरे प्रदेश में सक्रिय हुआ। इसके बाद भी मजबूत सिस्टम नहीं बना। जुलाई का पहला पखवाड़ा लगभग सूखा रहा। 15 जुलाई के बाद प्रदेश में कहीं-कहीं पर बारिश शुरू हुई थी। 18 जुलाई से मानसून सक्रिय होने लगा और बस्तर में भारी बारिश शुरू हुई । 19 जुलाई तक प्रदेश में बारिश औसत से 26% तक कम थी। इसके बाद बस्तर संभाग में जमकर बारिश हुई। वहीं, एक ही दिन में प्रदेश में 40.4 मिलीमीटर पानी गिर गया हैं, जिससे राज्य भर में बारिश की कमी 19% तक ही रह गई हैं। इसके आलावा चार-पांच दिनों से मध्य-उत्तरी छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश हो रही है।

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