श्रमिकों के बच्चों के लिए खुला कामयाबी का दरवाजा! CM साय ने कहा- “बड़े सपने देखो”, 200 प्रतिभाओं को मिल रही फ्री आवासीय शिक्षा

Atal Utkrisht Shiksha Yojana: श्रमिक परिवारों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक प्रतिष्ठित निजी स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई, 1.45 लाख श्रमिकों के खातों में पहुंचे ₹39.67 करोड़

रायपुर, 24 अगस्त 2026: श्रमिकों के बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक और बड़ी पहल की है। राजधानी रायपुर में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया और उनके साथ बैठकर भोजन भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को बड़े सपने देखने, मेहनत करने और देश-प्रदेश की सेवा का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों के बैंक खातों में 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि DBT के माध्यम से सीधे अंतरित की गई।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

“श्रमिकों के बच्चे आगे बढ़ेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा पूरा”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि श्रमिक प्रदेश के विकास की मजबूत नींव हैं। सड़क, पुल, भवन और दूसरी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में श्रमिकों का योगदान महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे और अपने सपने पूरे करेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को अच्छे विद्यालय, बेहतर वातावरण और पर्याप्त अवसर मिलें तो आर्थिक परिस्थितियां उनकी प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं।

100 से बढ़कर 200 बच्चे, प्रतिष्ठित स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 100 बच्चों के साथ की गई थी। इस वर्ष योजना का विस्तार करते हुए 200 प्रतिभावान बच्चों का चयन किया गया है। इस तरह वर्तमान में कुल 300 बच्चे योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित श्रमिक परिवारों के बच्चे प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

इनमें राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे संस्थान शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना कभी श्रमिक परिवारों के लिए महज सपना हुआ करता था, अब सरकार उसी सपने को हकीकत में बदलने का काम कर रही है।

किसी का सपना IAS बनना, तो किसी ने सीखी फर्राटेदार अंग्रेजी

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव भी साझा किए। बीजापुर के अतीश ने बताया कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि वे इतने प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ पाएंगे। योजना के जरिए उन्हें पढ़ाई के साथ खेल और अन्य गतिविधियों में अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल रहा है।

अतीश ने मुख्यमंत्री के सामने IAS अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का सपना भी बताया।

वहीं कबीरधाम की छात्रा इशिका डाहरे ने कहा कि पहले उन्हें अंग्रेजी में सहज होकर बात करने में झिझक होती थी, लेकिन नए स्कूल और बेहतर वातावरण ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है।

बच्चों के साथ बैठकर मुख्यमंत्री ने किया भोजन

कार्यक्रम का सबसे खास पल तब आया, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बच्चों के बीच बैठकर उनके साथ भोजन करने लगे। इस दौरान बच्चों ने उनसे उनके बचपन, पढ़ाई, पसंदीदा भोजन और जीवन के संघर्षों से जुड़े सवाल पूछे।

मुख्यमंत्री ने भी बच्चों के सवालों का सहजता से जवाब दिया और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे बड़े सपने देखें, खूब मेहनत करें और जीवन में सफलता हासिल करने के बाद समाज और प्रदेश के प्रति अपने दायित्व को न भूलें।

एक छात्र ने मुख्यमंत्री को अच्छा शिक्षक बताते हुए कहा कि उनसे जितने भी सवाल पूछो, वे सहजता से जवाब देते हैं।

श्रमिकों के लिए 67 कल्याणकारी योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रमिकों के कल्याण के लिए श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से 67 प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व सहायता, दिव्यांग सहायता, पेंशन, कौशल विकास, रोजगार और आवास जैसी योजनाएं शामिल हैं।

सरकार के मुताबिक, पिछले ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि DBT के जरिए श्रमिकों के बैंक खातों में पहुंचाई गई है।

वहीं कार्यक्रम के दौरान 1,45,841 श्रमिकों को 39.67 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राशि सीधे खातों में ट्रांसफर की गई।

नक्सल प्रभावित इलाकों में भी शिक्षा के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में कभी नक्सलवाद के कारण शिक्षा और विकास की पहुंच मुश्किल थी, वहां अब नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर और प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी शिक्षा और अवसर उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है।

शिक्षा से सपनों तक पहुंचाने की कोशिश

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का मकसद सिर्फ बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, बेहतर वातावरण और भविष्य के लिए जरूरी अवसर देना है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक परिवार का कोई भी प्रतिभावान बच्चा केवल आर्थिक स्थिति के कारण अपने सपनों से पीछे न हटे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close