80वें स्वतंत्रता दिवस पर CM साय का बड़ा ऐलान, बेटियों से लेकर युवाओं और किसानों तक के लिए खुला विकास का नया रास्ता
नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ में शांति और विकास पर जोर, ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के तहत 6,671 सरकारी स्कूलों में बेटियों के लिए बनेंगे शौचालय

रायपुर, 15 अगस्त 2026। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को नमन किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद से मुक्त बस्तर, किसान कल्याण, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के रोजगार, एआई, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधुनिक अधोसंरचना को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि अब नक्सलवाद से मुक्त बस्तर शांति, विश्वास और विकास की नई यात्रा पर आगे बढ़ रहा है।
नक्सलवाद से मुक्त बस्तर में विकास की नई सुबह
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद बस्तर में अब शांति और विकास का नया सूर्योदय हुआ है। उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
नक्सल हिंसा के कारण बंद हुए स्कूलों को दोबारा शुरू करने के साथ 36 नए स्कूलों को मंजूरी दी गई है। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। वहीं करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की गई है।
किसानों के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल धान का दावा
मुख्यमंत्री ने किसानों को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसल लेने पर 15 हजार रुपये की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार ने 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है। वहीं सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए 3,047 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
24.50 लाख आवास स्वीकृत, रोज बन रहे औसतन 1,600 घर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक मजबूती
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 19,444 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में भेजे जा चुके हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं और 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का लाभ दिया जा रहा है।
युवाओं के लिए भर्ती और रोजगार पर बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किए गए सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनाया गया है।
पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती, शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के 3,946 पदों और बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया का भी जिक्र किया गया।
इसके अलावा NEET, JEE, CLAT, रेलवे, SSC, बैंकिंग, PSC और UPSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘CG असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम योजना’ शुरू करने की घोषणा की गई।
अग्निवीरों को 10% आरक्षण
मुख्यमंत्री ने बताया कि चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
500 करोड़ का AI मिशन, 6 लाख विद्यार्थियों को प्रशिक्षण
छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये के छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन को मंजूरी दी है। इसके तहत 100 AI डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है।
5 नए मेडिकल कॉलेज और 30 ITI का होगा उन्नयन
मुख्यमंत्री ने बताया कि गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पीएम सेतु के तहत 30 ITI का उन्नयन किया जा रहा है।
राज्य में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, NIFT और NIELIT जैसे संस्थानों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
निवेश प्रस्तावों से 1.74 लाख रोजगार की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे करीब 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल स्थापित की जा रही है, जिससे 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई। प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की भी बात कही गई।
‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की घोषणा
स्वतंत्रता दिवस के मंच से मुख्यमंत्री ने ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की गरिमा, सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण कदम होगा।
स्वास्थ्य से लेकर कनेक्टिविटी तक सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान योजना के जरिए राज्य के 91 प्रतिशत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। नवा रायपुर में मेडिसिटी विकसित की जा रही है।
वहीं भारतमाला परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क को प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं और भारतनेट 3.0 के जरिए 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
पर्यटन और संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की बात कही। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने और वहां टेंट सिटी बनाने की योजना का उल्लेख किया गया।
सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने की बात भी कही गई। छत्तीसगढ़ी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण का निर्णय बताया गया।
विकसित छत्तीसगढ़ के साथ विकसित भारत का संकल्प
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ सामूहिक लक्ष्य हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से एकजुट होकर राज्य और देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र “संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जाएगा।












