नवा रायपुर में खुलने जा रहा है देश का बड़ा संस्थान, 40 एकड़ में बनेगा NMIMS का भव्य कैंपस
छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुलेंगे बड़े अवसर, 2-3 साल में शुरू हो सकता है पहला बैच; पूरी तरह तैयार होने पर 10 हजार विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में मंगलवार को संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इसके साथ ही नवा रायपुर में NMIMS कैंपस स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है।
राज्य सरकार का कहना है कि इस संस्थान के आने से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए दूसरे बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा। उन्हें प्रबंधन, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर के अवसर अपने ही प्रदेश में उपलब्ध होंगे।
40 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक कैंपस
NMIMS का कैंपस नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में करीब 40 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह जमीन 90 साल की लीज पर दी गई है।
राज्य मंत्रिपरिषद ने 21 जनवरी 2026 को संस्थान के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए अब लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री भी पूरी कर ली गई है।
संस्थान की स्थापना की पूरी प्रक्रिया को आगामी सात वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, विद्यार्थियों को इसका लाभ इससे पहले ही मिलने की उम्मीद है। दो से तीन वर्षों के भीतर पहला शैक्षणिक बैच शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। कैंपस के पूरी तरह विकसित होने के बाद करीब 10 हजार विद्यार्थी यहां अध्ययन कर सकेंगे।
युवाओं को अपने ही राज्य में मिलेंगे बड़े अवसर
NMIMS के आने से छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए रास्ते खुलेंगे। विद्यार्थियों को प्रबंधन, कौशल विकास, आधुनिक तकनीक और रोजगार से जुड़े पाठ्यक्रमों में पढ़ाई करने के अवसर मिलेंगे।
राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की मौजूदगी से प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बड़े महानगरों की ओर जाने की जरूरत कम हो सकती है। वहीं देश के दूसरे हिस्सों से भी विद्यार्थी नवा रायपुर में पढ़ाई के लिए आ सकते हैं।
शिक्षा के साथ रोजगार और स्टार्टअप को भी मिलेगा बढ़ावा
NMIMS कैंपस का असर सिर्फ शिक्षा तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। इससे कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता को भी बढ़ावा मिल सकता है।
विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच सहयोग बढ़ने से बदलती औद्योगिक जरूरतों के मुताबिक कुशल युवाओं को तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, रिसर्च और उद्यमिता से जुड़ने के नए अवसर मिल सकते हैं।
नवा रायपुर बनेगा बड़ा एजुकेशन हब
राज्य सरकार नवा रायपुर को आधुनिक सुविधाओं के साथ एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना से इस प्रयास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
देश के अलग-अलग हिस्सों से विद्यार्थी और शिक्षक यहां आएंगे, जिससे नवा रायपुर का शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण और समृद्ध होगा। इसके साथ ही शिक्षा से जुड़ी सेवाओं और रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
सरकार ने शिक्षा और रोजगार को बताया प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उच्च शिक्षा के अवसर अपने ही राज्य में उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि युवाओं को बेहतर शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसर देकर उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।
NMIMS के कैंपस की स्थापना के साथ ही छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में यह संस्थान प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए शिक्षा और करियर के नए अवसरों का बड़ा केंद्र बन सकता है।












