Child Health: क्या बच्चों को दूध में मिलाकर दवा देना सही है? जानिए डॉक्टर क्या कहते हैं

क्या बच्चों को दूध में मिलाकर दवा देना सही है? जानिए बाल रोग विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं, दूध के साथ दवा देने के क्या नुकसान हो सकते हैं और बच्चों को दवा देने का सही तरीका क्या है।

Health Desk। छोटे बच्चों को दवा पिलाना कई माता-पिता के लिए चुनौती होता है। ऐसे में पैरेंट्स बच्चों को दवा पिलाने के लिए अलग-अलग जुगाड़ लगाते हैं। कोई खाने-पीने के सामान में दवा मिलाकर देता है, तो कई लोग दवा का स्वाद छिपाने के लिए उसे दूध में मिलाकर पिला देते हैं। हालांकि, बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका हमेशा सुरक्षित नहीं होता। कई दवाओं का असर दूध के साथ कम हो सकता है और इससे बच्चे का इलाज भी प्रभावित हो सकता है।

दूध में दवा मिलाकर क्यों नहीं देनी चाहिए?

अपोलो हॉस्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अलका शुक्ला के अनुसार, बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के दूध में दवा मिलाकर नहीं देनी चाहिए। कुछ दवाएं दूध के साथ मिलकर ठीक तरह से शरीर में अवशोषित (Absorb) नहीं हो पातीं, जिससे उनका असर कम हो जाता है।इसके अलावा यदि बच्चा पूरा दूध नहीं पीता है, तो उसे दवा की निर्धारित मात्रा भी नहीं मिल पाती। इससे इलाज अधूरा रह सकता है और बीमारी ठीक होने में अधिक समय लग सकता है। साथ ही दवा के साथ हर दवा का रिएक्शन भी अलग-अलग होता है। ऐसे में बच्चों की सेहत के साथ ये खिलवाड़ हो सकता है।

बच्चा दूध पीना भी छोड़ सकता है

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दवा का स्वाद दूध में मिल जाता है और बच्चे को वह पसंद नहीं आता, तो वह भविष्य में दूध पीने से भी कतराने लग सकता है। इससे बच्चे के पोषण पर भी असर पड़ सकता है।इसलिए दवा हमेशा उसी तरीके से दें, जैसा डॉक्टर ने बताया हो।

बिना सलाह के दवा देना पड़ सकता है भारी

डॉक्टरों का कहना है कि कई माता-पिता सामान्य सर्दी-जुकाम या बुखार में खुद ही बच्चों को दवा देना शुरू कर देते हैं। यह आदत खतरनाक हो सकती है।बच्चों को दवा देते समय इन गलतियों से बचें—
• बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न दें।
• बड़ों की दवा या आधी गोली बच्चे को न खिलाएं।
• एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स बीच में न छोड़ें।
• कफ सिरप या अन्य दवाओं की मात्रा खुद तय न करें।
• दवा हमेशा डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा और समय पर ही दें।

अगर बच्चा दवा नहीं पी रहा तो क्या करें?

यदि बच्चा दवा लेने में आनाकानी करता है, तो डॉक्टर से सलाह लें। कई दवाएं अलग-अलग फ्लेवर, ड्रॉप्स या सिरप के रूप में उपलब्ध होती हैं, जिन्हें बच्चे आसानी से ले सकते हैं। सही विकल्प का चुनाव बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।

डॉक्टर की सलाह सबसे जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सेहत के मामले में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए किसी भी दवा को दूध, जूस या अन्य खाद्य पदार्थ में मिलाकर देने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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