Jharkhand Politics: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने लौटाई सरकारी फॉर्च्यूनर, सुरक्षा व्यवस्था से नाराजगी की चर्चा तेज

Jharkhand Breaking: Finance Minister returns his official vehicle; Radhakrishna Kishore's anger remains unabated even after sending back security personnel and his convoy.

रांची । झारखंड सरकार को लेकर बड़ी हलचल है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की नाराजगी खत्म नहीं हो रही है। सुरक्षा वापस करने के बाद अब वित्त मंत्री ने अपनी सरकारी फॉर्च्यूनर गाड़ी भी राज्य सरकार को लौटा दी है। इससे पहले वह अपनी सुरक्षा में तैनात जवानों और सुरक्षा वाहनों को भी वापस कर चुके हैं। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्री पिछले कुछ समय से अपनी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवहार को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है।

 

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पहले सुरक्षा गार्ड और वाहन लौटाए, अब सरकारी गाड़ी भी वापस

मिली जानकारी के मुताबिक जानकारी के मुताबिक, राधाकृष्ण किशोर ने मंत्री के रूप में मिली फॉर्च्यूनर (नंबर-9811) को सरकार को वापस कर दिया है। इससे पहले उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात 16 सुरक्षाकर्मियों और उनके लिए आवंटित तीन सुरक्षा वाहनों को भी सरकार को लौटा दिया था।बताया जा रहा है कि सुरक्षाकर्मियों के लिए उपलब्ध कराए गए वाहनों में पर्याप्त जगह नहीं थी, जिसके कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता था।

डीजीपी को लिखा था पत्र

सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्री ने कुछ दिन पहले पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर अपने सुरक्षा काफिले के लिए एक अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हुआ। इसके उलट पुलिस मुख्यालय की ओर से एक वाहन वापस करने का नोटिस मंत्री कार्यालय को भेजा गया।इसी के बाद मंत्री ने पहले सुरक्षा वाहन और जवान वापस किए और अब अपनी सरकारी गाड़ी भी लौटा दी।

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राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

राधाकृष्ण किशोर झारखंड सरकार में कांग्रेस कोटे से सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल हैं और उन्हें सरकार में नंबर दो की हैसियत वाला नेता माना जाता है। ऐसे में उनका यह कदम राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।हालांकि, अब तक न तो मंत्री की ओर से और न ही राज्य सरकार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ऐसे में उनके इस फैसले के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

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