हवलदार गिरफ्तार: झारखंड शिक्षक भर्ती का ठग निकला पुलिस हवलदार, 10 लाख लेते लोगों ने पकड़ा था, पूछताछ में बड़े खुलासे
झारखंड में JSSC पीजीटी शिक्षक भर्ती में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये ठगने के आरोप में आईआरबी-03 के एक हवलदार को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के पास से ब्लैंक चेक, मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, एडमिट कार्ड समेत कई दस्तावेज बरामद हुए हैं।

Jharkhand News: JSSC सहायक आचार्य की भर्ती के लिए पैसे लेते जिस युवक को लोगों ने पकड़ा था, वो को पुलिस का जवान निकला। झारखंड में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी मामले की तफ्तीश में पुलिस को चौकाने वाली जानकारी मिली है। मालूम चला है कि जेएसएससी (JSSC) की पीजीटी शिक्षक भर्ती में चयन कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की वसूली करने के आरोप में चौका थाना पुलिस ने आईआरबी-03 के एक हवलदार को गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान सुशील कुमार (40) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में आईआरबी-03 में हवलदार के पद पर पीपरवार (चतरा) में तैनात है। वह हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के बनागड़ा गांव का रहने वाला है। पुलिस को पूछताछ में और भी कई जानकारियां मिली है। बताया जा रहा है कि हवलदार के कुछ और सहयोगी भी है, जिसकी पतासाजी की जा रही है।
नौकरी दिलाने का भरोसा देकर करता था ठगी
पुलिस के अनुसार चौका थाना क्षेत्र निवासी गुरु चरण साव की लिखित शिकायत पर कांड संख्या 27/2026 दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सुशील कुमार खुद को जेएसएससी पीजीटी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का करीबी बताता था और अभ्यर्थियों को अंतिम चयन सूची में नाम शामिल कराने का भरोसा देता था।
आरोपी पहले अभ्यर्थियों का विश्वास जीतता और फिर चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर लाखों रुपये की मांग करता था। पुलिस का कहना है कि यह पूरी तरह सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा धोखाधड़ी का मामला है। पुलिस को पता चला है कि पूर्व मे भी इस तरह की घटना इन लोगों के द्वारा किया गया था। क्या वाकई में इनलोगों ने किसी को नौकरी दिलायी है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं मिल पायी है।
सिक्योरिटी के नाम पर रखता था मूल दस्तावेज और ब्लैंक चेक
जांच में सामने आया कि आरोपी अभ्यर्थियों से “सिक्योरिटी” के नाम पर उनके मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और ब्लैंक चेक अपने पास जमा करवा लेता था। इसके बाद नौकरी पक्की कराने का दावा करते हुए तय रकम की मांग करता था।यदि किसी अभ्यर्थी का चयन नहीं होता था, तो वह कम अंक आने का बहाना बनाकर उसके दस्तावेज और ब्लैंक चेक वापस कर देता था, ताकि उस पर संदेह न हो।
चयन सूची से जुटाता था उम्मीदवारों का डेटा
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी जेएसएससी और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं की चयन सूची से अभ्यर्थियों की जानकारी जुटाता था। इसके बाद आर्थिक रूप से सक्षम उम्मीदवारों से संपर्क कर अपने प्रभाव का दावा करते हुए उनसे बड़ी रकम वसूलने की कोशिश करता था।पुलिस को आशंका है कि इस तरीके से कई अभ्यर्थियों को अपना शिकार बनाया गया है। मामले की जांच जारी है और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
आरोपी के पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामान बरामद किए हैं। इनमें शामिल हैं—
• दो मोबाइल फोन
• आधार कार्ड
• जेएसएससी पीजीटी भर्ती के दो एडमिट कार्ड
• दो मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र
• अभ्यर्थियों का कंप्यूटरीकृत डेटा
• हाईकोर्ट के आदेश की प्रति
• छह ब्लैंक चेक
• एक पीठू बैग
पुलिस इन सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
JSSC की भूमिका पर पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में जेएसएससी या उसके किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं मिला है। प्रथम दृष्टया यह मामला सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से धोखाधड़ी और ठगी का प्रतीत होता है।फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले इस पूरे खेल को संचालित कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









