झारखंड में ‘महंगाई का करंट…आज से महंगी हुई बिजली…जानें अब हर यूनिट पर कितने पैसे ज्यादा देने होंगे? देखें नई रेट लिस्ट
नई दरें लागू, मई से दिखेगा असर

Jharkhand : में 1 अप्रैल से बिजली की नई दरें लागू कर दी गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अब ज्यादा भुगतान करना होगा। Jharkhand Bijli Vitran Nigam Limited के अनुसार अप्रैल में जितनी बिजली खपत होगी, उसका बिल नई दरों पर तैयार होगा और मई में उपभोक्ताओं को इसका भुगतान करना पड़ेगा। प्रति यूनिट 50 से 55 पैसे तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
घरेलू उपभोक्ताओं पर कितना असर
नई व्यवस्था के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों वर्गों के घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
- शहरी क्षेत्रों में 400 यूनिट से अधिक खपत पर दर 6.85 से बढ़कर 7.40 रुपये प्रति यूनिट हो गई
- ग्रामीण क्षेत्रों में यही दर 6.70 से बढ़कर 7.20 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई
201 से 400 यूनिट खपत करने वालों को सब्सिडी मिलती रहेगी, लेकिन प्रभावी दर अब 5.35 रुपये प्रति यूनिट हो गई है, जो पहले 4.80 रुपये थी।
अलग-अलग श्रेणियों में नई दरें
बिजली दरों में बदलाव केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य श्रेणियों पर भी असर पड़ा है:
- एचटी घरेलू अपार्टमेंट: 6.40 से बढ़कर 7.20 रुपये प्रति यूनिट
- शहरी 5 किलोवाट से अधिक: 6.70 से बढ़कर 7.30 रुपये
- ग्रामीण 5 किलोवाट से अधिक: 6.20 से बढ़कर 6.70 रुपये
- मॉल, होटल, अस्पताल जैसी एचटी श्रेणी: 7.30 से बढ़कर 8.00 रुपये
- एलटी इंडस्ट्रियल: 6.10 से बढ़कर 6.60 रुपये
- एचटी इंडस्ट्रियल: 5.90 से बढ़कर 6.40 रुपये
फिक्स्ड चार्ज में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे कुल बिजली बिल और बढ़ेगा।
200 यूनिट तक मुफ्त बिजली जारी
राहत की बात यह है कि 200 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को पहले की तरह मुफ्त बिजली का लाभ मिलता रहेगा। राज्य में करीब 39 लाख उपभोक्ता इस योजना का फायदा उठा रहे हैं।
किन पर सबसे ज्यादा असर
400 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं पर इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। इसके अलावा मॉल, होटल, अस्पताल और उद्योगों के लिए बढ़ी दरें अप्रत्यक्ष रूप से आम लोगों पर भी असर डाल सकती हैं, क्योंकि सेवाओं और उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने
नई दरों के लागू होने से बिजली बिल में सीधा इजाफा तय है। खासकर मध्यम और उच्च खपत वाले उपभोक्ताओं को अब ज्यादा खर्च उठाना पड़ेगा। हालांकि 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहत का काम करती रहेगी।












