700 करोड़ की काली कमाई पर ED का शिकंजा! दाऊद के खास इकबाल मिर्ची का छिपा साम्राज्य बेनकाब

भारत से दुबई तक फैली संपत्तियां अटैच, ट्रस्ट और रिश्तेदारों के नाम पर छिपाया गया था पूरा नेटवर्क

नई दिल्ली:अंडरवर्ल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ा एक्शन लेते हुए इकबाल मिर्ची की करीब 700 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच कर लिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई से बनाई गई थीं और इन्हें सुनियोजित तरीके से छिपाया गया था।

ईडी के मुताबिक, यह पूरा मामला अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसमें मिर्ची उसका बेहद करीबी माना जाता था।

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भारत से दुबई तक फैला काला नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि अटैच की गई संपत्तियां सिर्फ भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुबई तक फैली हुई हैं। मुंबई के वर्ली स्थित डॉ. एनी बेसेंट रोड पर मौजूद राबिया मेंशन, मरियम लॉज और सी व्यू जैसे तीन बड़े प्लॉट इस कार्रवाई के दायरे में आए हैं। इनका कुल क्षेत्रफल करीब 4970 वर्ग मीटर बताया जा रहा है।

इसके अलावा दुबई में होटल मिडवेस्ट अपार्टमेंट, कॉर्पोरेट बे और DEC टावर्स में मौजूद करीब 14 रियल एस्टेट यूनिट्स को भी ईडी ने अटैच किया है।

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ट्रस्ट और परिवार के नाम पर छिपाई संपत्ति
प्रवर्तन निदेशालय ने खुलासा किया है कि इन संपत्तियों को सीधे तौर पर इकबाल मिर्ची के नाम पर नहीं रखा गया था। इसके बजाय मोहम्मद यूसुफ ट्रस्ट और परिवार के सदस्यों—आसिफ इकबाल मेमन, जुनैद इकबाल मेमन और हाजरा इकबाल मेमन—के नाम पर इन्हें छिपाया गया था। एजेंसी का कहना है कि ये सभी लोग फ्रंट के तौर पर इस्तेमाल किए गए।

मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा खेल उजागर
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा प्रॉपर्टी नेटवर्क अवैध गतिविधियों से कमाए गए पैसे को ठिकाने लगाने का जरिया था। पैसों को घुमाकर वैध दिखाने की कोशिश की गई और बड़ी रकम विदेशों में भेज दी गई, जिससे उसे ट्रैक करना मुश्किल हो गया।

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एजेंसी के मुताबिक, ये सभी संपत्तियां PMLA के तहत ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ की श्रेणी में आती हैं, इसलिए इन्हें जब्त कर लिया गया है।

जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
ईडी का मानना है कि इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि अवैध संपत्तियों और पैसों के पूरे जाल को उजागर किया जा सके।

 

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