दक्षिण एशिया में बढ़ा भू-राजनीतिक तूफ़ान…क्या भारत सौंप देगा शेख हसीना को बांग्लादेश? भारत क्या करेगा? suspense बरकरार…
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री पर मौत की सजा—ढाका ने भारत से की प्रत्यर्पण की मांग, विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया सामने आई

बांग्लादेश में चल रहे राजनीतिक उथल-पुथल के बीच शेख हसीना की फांसी की सजा ने नया भू-राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। इसी बीच भारत सरकार ने इस मुद्दे पर अपना आधिकारिक बयान जारी कर दिया है।
भारत ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत ने बांग्लादेश इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल के फैसले का संज्ञान ले लिया है। बयान में कहा गया—
-
भारत, एक नजदीकी पड़ोसी होने के नाते बांग्लादेशी नागरिकों के हितों का पूरा ध्यान रखेगा।
-
भारत शांति, लोकतंत्र, समावेशिता और स्थिरता को समर्थन देता रहेगा।
-
इस दिशा में भारत सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक संवाद बनाए रखेगा।
बांग्लादेश की भारत से मांग—क्या होगी प्रत्यर्पण?
स्थिति और गंभीर इसलिए हो गई है क्योंकि बांग्लादेश सरकार ने भारत से शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को प्रत्यर्पित करने का औपचारिक अनुरोध किया है।
-
दोनों नेताओं को पिछले साल छात्र विद्रोह के खिलाफ कार्रवाई को लेकर फांसी की सजा सुनाई गई थी।
-
ढाका का दावा है कि भारत प्रत्यर्पण संधि के तहत उन्हें सौंपने के लिए बाध्य है।
कब से भारत में हैं शेख हसीना?
पिछले साल बांग्लादेश में हुए हिंसक छात्र प्रदर्शनों के बाद हालात बिगड़ने पर शेख हसीना देश छोड़कर भारत आई थीं, और तब से यहां ही रह रही हैं।
भारत क्या करेगा? suspense बरकरार…
बयान में भारत ने सजा या प्रत्यर्पण पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। सरकार ने सिर्फ स्थिरता और संवाद की बात की, जिससे यह स्पष्ट है कि मामला बेहद संवेदनशील है और कोई फैसला जल्दबाज़ी में नहीं लिया जाएगा।









