अच्छी खबर : हेमंत सरकार फिर करायेगी बुजुर्गों को तीर्थाटन, 25 जनवरी तक करें आवेदन, इन तीर्थस्थलों का कर सकेंगे दर्शन

रांची: तीर्थयात्रा का सपना देख रहे बुजुर्गों के लिए अच्छी खबर है। हेमंत सरकार एक बार फिर से बुजुर्गों को तीर्थयात्रा पर भेजने वाली है। तीर्थ दर्शन योजना के तहत इस साल फरवरी में बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराने का निर्णय लिया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए 60 साल से अधिक आयु के नागरिकों को 25 जनवरी तक अपने-अपने जिले के उपायुक्त कार्यालय में आवेदन जमा करने को कहा गया है।

इन तीर्थ स्थलों का कर सकेंगे दर्शन

पर्यटन, कला संस्कृति एवं खेलकूद विभाग ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत इस साल फरवरी में बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराने का निर्णय लिया है। इसे लेकर बीपीएल बुजुर्गों से आवेदन मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार ने इस योजना के अंतर्गत झारखंड राज्य के अंतर्गत रजरप्पा, देवघर, सम्मेद शिखर, बासुकीनाथ, मलूटी, इटखोरी का चयन किया है। वहीं, झारखंड राज्य के बाहर के तीर्थ स्थान के लिए द्वारका, सोमनाथ, पूरी, तिरूपति, मदुरई, रामेश्वरम, हरिद्वार एवं ऋषिकेश, वैष्णो देवी, शिरडी, सिगनापुर, नासिक, अजमेर शरीफ, फतेहपुर सिकरी, आगरा, अमृतसर स्वर्ण मंदिर, श्रवणबेलगोला, गोवा (बेसिलिका आफ बोम जीसस) तथा वेलांकनी चर्च नागापट्टनम का चयन किया है।

60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग कर सकते हैं आवेदन

राज्य सरकार ने इस साल हिन्दू धर्मावलंबी बजुर्गों को द्वारका एवं सोमनाथ की तीर्थ यात्रा कराने का निर्णय लिया है। इसी तरह, मुस्लिम धर्मावलंबियों को अजमेर शरीफ, आगरा व फतेहपुर सिकरी के पवित्र स्थलों की यात्रा कराएगी। सरकार तीर्थ स्थलों की यात्रा ट्रेन के जरिए कराएगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए 60 साल से अधिक आयु के नागरिकों को 25 जनवरी तक अपने-अपने जिले के उपायुक्त कार्यालय में आवेदन जमा करने को कहा गया है।

आखिरी बार 2019 में हुआ था तीर्थाटन

बता दें कि 2016 में शुरू हुई मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत इससे पहले वर्ष 2019 में बुजुर्गों कों तीर्थ स्थलों का दर्शन कराया गया था। इसके बाद कोरोना के कारण इसका लाभ बुजुर्गों को नहीं मिल पाया था। राज्य सरकार ने इसके लिए आइआरसीटीसी से एमओयू किया है। इस योजना के तहत किसी भी बीपीएल बुजुर्ग को एक बार झारखंड राज्य में स्थित तीर्थ स्थलों और एक बार झारखंड राज्य के बाहर स्थित तीर्थ स्थलों की यात्रा कराने का प्रविधान है। इस यात्रा योजना का एक बार लाभ उठाने के बाद दो वर्ष की अवधि के बाद ही दूसरी बार योजना का लाभ मिलता है।

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