झारखंड हाईकोर्ट जमीन कब्जा करने के मामलों पर सख्त, सरकार से चार सप्ताह के भीतर ठोस सुझाव मांगे, कहा, सरकार समीक्षा……

Jharkhand High Court takes strict action on land grabbing cases, asks government for concrete suggestions within four weeks, says government should review...

Jharkhand Highcourt News : झारखंड में जमीन कब्जा करने के मामलों को लेकर हाईकोर्ट ने जानकारी मांगी है। हाईकोर्ट ने जमीन कब्जा मामलों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर ठोस सुझाव मांगे हैं। अदालत ने कहा कि मौजूदा कानून जमीन माफियाओं को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।

 

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चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान दर्ज मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से इस मुद्दे पर चार सप्ताह के भीतर ठोस सुझाव पेश करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि जमीन माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए प्रभावी और सख्त उपाय किए जाने जरूरी हैं।

 

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हाईकोर्ट ने कहा कि मौजूदा कानूनी प्रावधान शायद इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह इस दिशा में ठोस रणनीति बनाकर कोर्ट में प्रस्तुत करे। इसके साथ ही अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि राज्य में जमीन विवाद से जुड़े लंबित आपराधिक मामलों की अद्यतन स्थिति भी अगली सुनवाई के दिन पेश की जाए।

 

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अगली सुनवाई तीन नवंबर को

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तीन नवंबर को तय की है। तब तक राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट और सुझाव प्रस्तुत करने होंगे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग इस मामले में हस्तक्षेप याचिका दायर करना चाहते हैं, वे इसे वापस लेकर उचित फोरम या सक्षम अदालत में अपनी याचिका दायर कर सकते हैं।

 

पिछली सुनवाई में उठी थी कानून-व्यवस्था पर चिंता

पिछली सुनवाई में अदालत ने मौखिक रूप से कहा था कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और पीसीआर वाहन भी सड़कों पर कम दिखाई देते हैं। अदालत ने टिप्पणी की थी कि अपराधी इस स्थिति का फायदा उठाकर लूटपाट और छिनतई जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। अदालत की यह टिप्पणी सरकार के लिए गंभीर संकेत मानी जा रही है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

 

डीजीपी ने दी थी जिलाबदर की जानकारी

राज्य के डीजीपी ने अदालत को सूचित किया था कि भूमाफियाओं और संगठित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा था कि जिन व्यक्तियों पर पांच से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें जिलाबदर किया जाएगा। इससे उम्मीद की जा रही है कि जमीन कब्जा और रंगदारी की घटनाओं में कमी आएगी।

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