झारखंड: सावधान! अब गर्भवती महिलाओं को बना रहे साइबर ठगों का निशाना, सरकारी योजना का झांसा देकर उड़ाए जा रहे पैसे
जामताड़ा में साइबर ठगी का नया तरीका आया सामने। मातृत्व लाभ और सरकारी सहायता दिलाने के नाम पर मांगी जा रही बैंक और OTP की जानकारी।

जामताड़ा।
साइबर अपराध के लिए देशभर में चर्चित झारखंड के जामताड़ा में ठगों ने अब ठगी का नया तरीका अपना लिया है। इस बार साइबर अपराधी गर्भवती महिलाओं को निशाना बनाकर सरकारी योजनाओं और मातृत्व लाभ का लालच दे रहे हैं। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन और साइबर पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है।
सरकारी योजना का झांसा देकर मांगी जा रही निजी जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, साइबर ठग गर्भवती महिलाओं को फोन कर खुद को सरकारी विभाग या संबंधित योजना से जुड़ा अधिकारी बताकर संपर्क करते हैं। वे मातृत्व लाभ, स्वास्थ्य सहायता और नकद प्रोत्साहन राशि दिलाने का झांसा देकर बैंक खाता, आधार नंबर, OTP और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल करने की कोशिश करते हैं।
आंगनबाड़ी के डेटा के दुरुपयोग की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि साइबर अपराधी कथित तौर पर आंगनबाड़ी से जुड़े डेटा का दुरुपयोग कर महिलाओं का नाम और अन्य व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर रहे हैं। इसी वजह से वे महिलाओं का भरोसा आसानी से जीत लेते हैं और कई लोग उनके झांसे में आ जाते हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह डेटा किस स्तर से और कैसे लीक या दुरुपयोग हुआ।
साइबर पुलिस ने जारी की चेतावनी
साइबर पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें। OTP, बैंक खाते की जानकारी, आधार नंबर या अन्य गोपनीय विवरण किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें, चाहे वह खुद को सरकारी अधिकारी ही क्यों न बताए।
आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कर्मियों को भी दिए निर्देश
प्रशासन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे गर्भवती महिलाओं को इस नए साइबर फ्रॉड के तरीके के बारे में जागरूक करें, ताकि वे किसी भी तरह की ठगी का शिकार न हों।
जांच जारी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि कोई संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि सामने आए तो उसकी जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने को दें।









