Health News: पिछले दो महीने में बढ़ गये हार्ट अटैक के केस, क्यों बढ़ रहे हैं दिल के दौरे के मामले? जानिए बचाव के आसान उपाय

गर्मी और बारिश के बाद बढ़ी उमस से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। जानिए थर्मल स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का दिल पर क्या असर पड़ता है और बचाव के लिए क्या करें।

Health Tips : देश में मानसून की बारिश शुरू हो चुकी है। भीषण गर्मी के बाद बारिश से बढ़ी उमस लोगों की सेहत पर गंभीर असर डाल रही है। डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में थर्मल स्ट्रेस (Thermal Stress) बढ़ने से हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक और अन्य हृदय संबंधी समस्याओं के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। विशेष रूप से पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

गर्मी और उमस दिल पर कैसे डालती है असर?

विशेषज्ञों के अनुसार, जब तापमान बढ़ता है तो शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए अधिक पसीना निकालता है। इससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटैशियम आदि) की कमी हो सकती है। डिहाइड्रेशन होने पर रक्त अपेक्षाकृत गाढ़ा हो सकता है और हृदय को पूरे शरीर में रक्त पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यही अतिरिक्त दबाव संवेदनशील लोगों में हृदय संबंधी जटिलताओं का जोखिम बढ़ा सकता है।

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हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी

कानपुर के इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी के अनुसार, पिछले दो महीनों में हार्ट अटैक के मामलों में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कार्डियोलॉजिस्ट्स का कहना है कि सबसे अधिक जोखिम उन लोगों में देखा जा रहा है जिन्हें पहले से:
• हार्ट ब्लॉकेज
• हाई ब्लड प्रेशर
• डायबिटीज
• हाई कोलेस्ट्रॉल
• मोटापा जैसी समस्याएं हैं।

हार्ट डिजीज क्यों बन रही है बड़ी चुनौती?

विशेषज्ञों के मुताबिक, देश में हृदय रोग मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। बदलती जीवनशैली, तनाव और असंतुलित खानपान के कारण कम उम्र में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं।
हृदय रोग के प्रमुख जोखिम कारक हैं:
• लगातार तनाव और चिंता
• धूम्रपान और तंबाकू का सेवन
• हाई ब्लड प्रेशर
• डायबिटीज
• हाई कोलेस्ट्रॉल
• मोटापा
• शारीरिक गतिविधि की कमी
• अपर्याप्त नींद

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दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित करें एक्सरसाइज

विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित व्यायाम हृदय को मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी तरीका है। एरोबिक एक्सरसाइज, तेज़ चाल से चलना, साइकिलिंग, तैराकी या अन्य नियमित शारीरिक गतिविधियां हृदय की कार्यक्षमता में सुधार करती हैं, रक्त संचार बेहतर बनाती हैं और हृदय रोग का खतरा कम करने में मदद करती हैं।हालांकि, यदि पहले से हृदय रोग है या उम्र अधिक है, तो नई या तीव्र व्यायाम दिनचर्या शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

हार्ट हेल्दी रखने के लिए अपनाएं ये आदतें

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और हृदय विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार:
• दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
• अत्यधिक गर्मी में लंबे समय तक बाहर रहने से बचें।
• संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
• जंक फूड, अत्यधिक नमक और ट्रांस फैट से दूरी रखें।
• ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और पौध-आधारित खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें।
• तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या गहरी सांस लेने का अभ्यास करें।
• रोजाना 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
• धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें।
• हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराते रहें।

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इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

यदि अचानक ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें:
• सीने में तेज दर्द या दबाव
• सांस लेने में तकलीफ
• अत्यधिक पसीना आना
• चक्कर आना या बेहोशी
• दर्द का कंधे, हाथ, जबड़े या पीठ तक फैलना
• अचानक कमजोरी या घबराहट

महत्वपूर्ण सलाह

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। यदि आपको पहले से हृदय रोग, हाई बीपी, डायबिटीज या अन्य गंभीर बीमारी है, या हार्ट अटैक जैसे लक्षण महसूस हों, तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।

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