स्थापना दिवस पर हेमंत सोरेन ने की सौगातों की बारिश… ये नयी योजना हुई लांच… रोजगार से लेकर पढ़ाई तक सरकार को ख्याल

रांची। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मोरहाबादी मैदान एक बार फिर ऐतिहासिक पल का गवाह बना। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य और राज्यवासियों की उन्नति, खुशहाली और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाओं की सौगात दी। निश्चित तौर पर ये योजनाएं झारखंड के लिए उम्मीदों का नया सवेरा लेकर आएगी। जहां राज्य विकास के नए आयाम स्थापित स्थापित करेगा वहीं राज्य वासियों की उम्मीदें और आशाएं पूरी होंगी। यह कहना गलत नहीं होगा कि
ये सभी नीतियां और योजनाएं झारखंड के सुनहरे भविष्य की आधारशिला रखेंगी।

इस अवसर पर 7309. 58 करोड़ रुपए की लागत से कुल 369 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ। इसमें 5433.24 करोड़ रुपए की लागत से 147 योजनाओं की आधारशिला और 1876.34 करोड़ रुपए की लागत से 222 योजनाओं का उद्घाटन हुआ।

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जिन योजनाओं का शिलान्यास संपन्न हुआ, उसमें पथ निर्माण विभाग की 41 ( राशि 1718.64 करोड़) , पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की 17 ( 931.31 करोड़), भवन निर्माण विभाग की 4 (261.34 करोड़), जल संसाधन विभाग की 3 (84.27 करोड़), नगर विकास एवं आवास विभाग की 12 ( 1658.86 करोड़), स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की 3 (74.31 करोड़), अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग एवं कल्याण विभाग की एक, ग्रामीण कार्य विभाग की 14, झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की 16, कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग की 17, स्वास्थ्य विभाग की 14 (517.65 करोड़) और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की 5 योजनाएं शामिल हैं।

जिन य़ोजनाओं का उद्घाटन किया गया उनमें पथ निर्माण विभाग की 43, जल संसाधन विभाग की 2, भवन निर्माण विभाग की 2, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की 7, नगर विकास एवं आवास विभाग की 13, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 7, ग्रामीण कार्य विभाग की 13, झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की 25, श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की 6, स्वास्थ्य विभाग की 8, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की 10 और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की 86 योजनाएं शामिल है।

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नियुक्ति पत्र का हुआ वितरण
इस मौके पर झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा अनुशंसित 609, लेखा पदाधिकारी के लिए अनुशंसित 16 और रिम्स रांची में परिचारिका के लिए चयनित 320 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया.

लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में 13,90, 164 लाभुकों के बीच 1247.39 करोड़ रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया. इसके अलावा 12 अक्टूबर से 14 नवंबर तक दो चरणों में आयोजित आपकी योजना, आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत 12 जिलों में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल हुए इस दौरान उन्होंने इन जिलों में (12 नवंबर तक) 8,95,324 लाभुकों के बीच 759.21 करोड़ रुपए की परिसंपत्तियां बांटी थी।
झारखंड विद्युत वाहन नीति-2022
झारखंड विद्युत वाहन नीति-2022 के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाना है। इसमें वर्ष 2030 तक आईसीई इंजन आधारित वाहनों को विद्युत वाहनों से प्रतिस्थापित किया जाना है। जबकि, 2027 तक एसीसी बैट्री के निर्माण के लिए एक परियोजना स्थापित की जाएगी। इस नीति के तहत दिए जाने वाले आकर्षक अनुदान के प्रावधानों से विद्युत वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।

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झारखंड इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2022

झारखंड इथेऩॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य में जैव ईंधन के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इस नीति में वर्ष 2025 तक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का प्रयोग को बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। जैव ईंधन का निर्माण गन्ना जैसे कृषि उत्पादों से किया जाता है।

झारखंड औद्योगिक पार्क एवं लॉजिस्टिक नीति-2022

झारखंड औद्योगिक पार्क एवं लॉजिस्टिक नीति-2022 का मकसद राज्य को आर्थिक मजबूती प्रदान करना है। यहां सरकार और निजी संस्थानों की भागीदारी से औद्योगिक पार्क एवं लॉजिस्टिक पार्क बनाए जाएंगे। इससे होने वाली आय भी सीधे राज्य स्ररकार को प्राप्त होगी। इससे राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री सारथी योजना
इस योजना के तहत राज्य के प्रतिभाशाली औऱ मेहनतकश युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है। इसके तहत सरकार द्वारा 18 से 35 वर्ष तक (आरक्षित वर्ग के लिए अधिकतम उम्र सीमा 50 वर्ष ) के युवाओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। युवाओं को गैर आवासीय प्रशिक्षण के लिए केंद्र आने -जाने के लिए प्रतिमाह एक हज़ार रुपए भी दिए जाएंगे। प्रशिक्षण के बाद सफल युवाओं को तीन माह के अंदर अगर नियोजन नहीं मिला तो उन्हें रोजगार प्रोत्साहन भत्ता के रुप में एक हजार रुपए प्रतिमाह मिलेगा, जबकि युवतियों, दिव्यांगों और परलैंगिकों को 15 सौ रुपए प्रतिमाह मिलेगा.

मुख्यमंत्री सूखा राहत योजना
राज्य में मॉनसून में कम बारिश की वजह से धान और अन्य खरीफ फसलों के उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ा है. इस वजह से राज्य सरकार ने 22 जिलों के 226 प्रखंडों को सूखा क्षेत्र घोषित किया है. ऐसे में सूखा प्रभावित क्षेत्र में प्रत्येक परिवार को तत्काल 35 सौ रुपए आनुग्राहिक राहत अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाएगी. इस योजना में आवेदन लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है और जिला स्तर पर विशेष कैंप लगाकर अधिसूचित सूखाग्रस्त प्रखंडों के अधिकाधिक किसान परिवारों से आवेदन प्राप्त कर लाभ प्रदान किया जाएगा।

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