IAS NEWS: विवादों में घिरे झारखंड कैडर के आईएएस को मुख्य सचिव में प्रमोशन देने की तैयारी

रांची । झारखंड कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (IAS) राजीव अरूण एक्का को मुख्य सचिव रैंक में प्रोन्नति देने की तैयारी चल रही है। राज्य सरकार उन्हें प्रमोशन देने का मन बना ली है. 1994 बैच के इस आइएएस अधिकारी को सीएस रैंक में प्रमोशन देने के लिए फाइल तैयार कर ली गयी है. राजीव अरूण एक्का अभी प्रधान सचिव के पद पर पंचायती राज विभाग में कार्यरत हैं. उन्हें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक ओर पिछड़ा वर्ग कलयाण विभाग का भी प्रभार दिया गया है..

झारखंड सरकार द्वारा कार्मिक मंत्रालय, भारत सरकार से सीएस रैंक में प्रमोशन देने के लिए एक रिक्ति मांगी जा रही है. केंद्र से रिक्तियां मिलते ही राजीव अरूण एक्का को प्रमोशन देने के लिए राज्य सरकार डीपीसी की बैठक करेगी. इसके बाद यूपीएससी को अनुशंसा की जाएगी. सारी प्रक्रिया पूरी करके उन्हें सीएस रैंक में प्रमोशन दिया जायेगा.

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तीन माह ही रह पाएंगे मुख्य सचिव

प्रमोशन 1 जनवरी 2024 से प्रभावी होगा और वे 31 मार्च 2024 को रिटायर भी होने वाले हैं, ऐसे में महज तीन माह ही वे मुख्य सचिव के पद पर रह पायेंगे. राजीव अरुण एक्का प्रधान सचिव रैंक में सबसे उपर हैं. उनके बाद 1995 बैच के आईएएस अधिकारी अजय कुमार सिंह और सतेंद्र सिंह है.

विवादों में आया नाम

राजीव अरुण एक्का का नाम इस साल अचानक से विवादों से उस समय जुड़ गया, जब उन पर नेताओं ओर नौकरशाहों के काले धन के निवेशक विशाल चौधरी से संबंध होने का आरोप लगा और विशाल चौधरी के घर से सरकारी फाइल निपटाते हुए एक वीडियो वायरल हुआ. इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव व गृह सचिव के पद से हटाते हुए एक जांच आयोग गठित कर दिया.

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जांच के बाद में आयोग ने उन्हें इन आरोपों से क्लीन चिट दे दी. इसके अलावा भी उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले पर जांच कर रहा है. उनके खिलाफ टेंडर में भी गडबड़ी किए जाने का आरोप लग रहा है. ईडी की जांच में इसका धीरे-धीरे खुलासा हो रहा है हालांकि कार्मिक विभाग में उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं चल रही. ऐसे में उन्हें प्रोमोशन देने में कोई अड़चन नहीं है

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