Jamshedpur News: बेनासोली काजू जंगल में हाथियों की धमक, किसानों की फसल पर मंडराया खतरा, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
बहरागोड़ा के बेनासोली काजू जंगल में आधा दर्जन से अधिक जंगली हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। वन विभाग ने अलर्ट जारी कर लोगों से रात में सतर्क रहने की अपील की है।

जमशेदपुर/बहरागोड़ा। पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित बेनासोली काजू जंगल में आधा दर्जन से अधिक जंगली हाथियों के डेरा डालने से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। मानुषमुड़िया समेत कई गांवों के लोग रात होते ही भय के साये में जीने को मजबूर हैं। हाथियों का झुंड भोजन और पानी की तलाश में जंगल से निकलकर आबादी और मुख्य सड़क तक पहुंच रहा है।
रात में मुख्य सड़क पर पहुंच रहा हाथियों का झुंड
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का दल देर रात मटिहाना-चाकुलिया मुख्य सड़क पर आ जाता है। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है और राहगीरों के साथ वाहन चालकों की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो गया है। लोग अंधेरा होने के बाद इस मार्ग से गुजरने से बच रहे हैं।
धान की फसल पर मंडराया नुकसान का खतरा
हाथियों की लगातार गतिविधियों से क्षेत्र के किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि झुंड खेतों की ओर बढ़ रहा है, जिससे धान की तैयार फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। किसानों को डर है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
वन विभाग की टीम लगातार कर रही निगरानी
स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। विभाग के कर्मचारी हाथियों को सुरक्षित तरीके से वापस घने जंगल की ओर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि किसी तरह की जनहानि या नुकसान न हो।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय जंगल या हाथियों की आवाजाही वाले इलाकों में न जाएं, अकेले बाहर निकलने से बचें और किसी भी स्थिति में हाथियों को उकसाने या उनके करीब जाने की कोशिश न करें। हाथियों की गतिविधि दिखने पर तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की भी सलाह दी गई है।
स्थायी समाधान की मांग
लगातार बढ़ रही हाथियों की आवाजाही से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। फिलहाल गांवों में भय का माहौल है और लोग पूरी सतर्कता के साथ दिनचर्या पूरी करने को मजबूर हैं।









