Jharkhand Cabinet: शिक्षकों के वेतन पर बड़ा फैसला, 6% ब्याज के साथ मिलेगा एरियर; पेंशन व बर्खास्तगी पर भी फैसला, हेलीकॉप्टर एंबुलेंस समेत पढ़िये कर्मचारी व शिक्षकों के पक्ष में लिये फैसले

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में 49 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बार की कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ी राहत शिक्षकों और कर्मचारियों को मिली। सरकार ने सेवानिवृत्त विश्वविद्यालय शिक्षकों को 1 जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग का लाभ देने और पांच वर्षों की अंतर राशि 6 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का फैसला लिया है। इसके अलावा हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा, वकीलों के कल्याण, न्यायिक सेवा और स्वास्थ्य से जुड़े कई अहम निर्णय भी लिए गए।
शिक्षकों को मिलेगा 6% ब्याज के साथ एरियर
कैबिनेट ने राज्य के विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए सातवें वेतन आयोग (7th CPC) का लाभ 1 जनवरी 2016 से लागू करने की मंजूरी दी। इससे पहले यह लाभ 1 अप्रैल 2021 से स्वीकृत था।
सरकार अब 2016 से 2021 तक की अंतर राशि भी शिक्षकों को 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देगी। इस फैसले से राज्य के हजारों सेवानिवृत्त शिक्षकों को आर्थिक राहत मिलेगी।
हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा होगी शुरू
राज्य में गंभीर मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर एंबुलेंस किराये पर लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार प्रति वर्ष 9.45 करोड़ रुपये खर्च करेगी। हेलीकॉप्टर का उपयोग दूर-दराज और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के परिवहन के लिए किया जाएगा।
जिला जज के दो पदों पर होगी सीधी भर्ती
कैबिनेट ने ‘झारखंड न्यायिक सेवा (भर्ती) संशोधन नियमावली, 2026’ को मंजूरी देते हुए वरीय न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश के दो पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है।
इसके अलावा महाधिवक्ता कार्यालय में अपर महाधिवक्ता, सरकारी वकील और लॉ रिसर्च ऑफिसर के नए पदों के सृजन तथा विधि अधिकारियों के मानदेय में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
अधिवक्ता कल्याण के लिए 12.32 करोड़
कैबिनेट ने झारखंड अधिवक्ता कल्याण निधि के तहत 12.32 करोड़ रुपये आकस्मिकता निधि से उपलब्ध कराने की मंजूरी दी। यह राशि अधिवक्ताओं के बीमा और पेंशन जैसी योजनाओं में खर्च की जाएगी।
गंभीर बीमार छात्रों को बोर्ड परीक्षा में राहत
सिकल सेल, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, टाइप-1 मधुमेह सहित गंभीर बीमारियों और दिवyang छात्रों को बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति की शर्त में छूट देने संबंधी एसओपी को मंजूरी दी गई।
पूर्व एमडी को पेंशन, डॉक्टर सेवा से बर्खास्त
कैबिनेट ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद वेजफेड के पूर्व प्रबंध निदेशक प्रमोद नारायण सिंह की पेंशन और अन्य सेवा लाभ बहाल करने का निर्णय लिया।
वहीं डॉ. अर्चना चौधरी, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसमार (बोकारो) को सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
स्कूलों में एआई और डिजिटल स्टूडियो की स्थापना 176.07 करोड़
वहीं स्कूलों में AI, ई-शिक्षा व वर्चुअल क्लास रूम को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। इसके तहत माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में एआई पावर वर्चुअल क्लासरूम और डिजिटल स्टूडियो की स्थापना के लिए 176.07 करोड़ की स्वीकृति दी गई। इस राशि को अगले 5 वर्षों में खर्च किाया जाएग। इसके अलावा सर जे.सी. बोस, विनोबा भावे, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल, कोल्हान, रांची, सिदो कान्हु मुर्मू और नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। जबकि बरही डिग्री कॉलेज का नाम बदलकर ‘चंदवारा डिग्री कॉलेज’ किया गया।अन्य महत्वपूर्ण फैसले
• छात्रावास पोषण योजना-2024 में संशोधन को मंजूरी।
• आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत टेक होम राशन आपूर्ति प्रणाली को नियमित करने का निर्णय।
• कर्मचारियों और विभिन्न विभागों से जुड़े कई प्रशासनिक प्रस्तावों को भी स्वीकृति।









