झारखंड शिक्षक भर्ती : नियुक्ति मामले पर हाईकोर्ट सख्त, 10 जून को होगी अब अगली सुनवाई, चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने….

Jharkhand Teacher Recruitment: High Court strict on appointment matter, next hearing will be on June 10, double bench of Chief Justice…

झारखंड में शिक्षक मामले पर अब अगली सुनवाई जून में होगी। स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 नियुक्ति विवाद को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। राज्य सरकार और जेएसएससी की अपील पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने अगली तारीख 10 जून तय की है। वहीं वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमिशन ने भी सुनवाई तेज कर दी है और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर सरकार और आयोग को अंतिम अवसर दिया है।
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Jharkhand Teacher News: झारखंड हाईकोर्ट ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 से जुड़ी नियुक्तियों के मामले में सोमवार को महत्वपूर्ण सुनवाई की। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की बेंच में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC) की ओर से दायर अपील पर शीघ्र सुनवाई का आग्रह किया गया।

राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अपने पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए सेवानिवृत्त न्यायाधीश Gautam Kumar Choudhary को फैक्ट फाइंडिंग कमिशन का अध्यक्ष नियुक्त किया है। सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि एकलपीठ के आदेश के खिलाफ दायर अपील अभी खंडपीठ में लंबित है, लेकिन इसके बावजूद फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने सुनवाई शुरू कर दी है।

राज्य सरकार और जेएसएससी की ओर से यह तर्क रखा गया कि जब मामला खंडपीठ में विचाराधीन है, तब समानांतर रूप से फैक्ट फाइंडिंग कमिशन की कार्यवाही उचित नहीं मानी जा सकती। सरकार ने अदालत को बताया कि आयोग ने हाईकोर्ट के ग्रीष्मावकाश के दौरान भी 16 मई को सुनवाई की तारीख तय कर दी है, जिससे प्रक्रिया और अधिक जटिल हो रही है।

दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 10 जून को निर्धारित कर दी। अब इस तारीख को मामले में महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

इधर, डोरंडा स्थित पुराने हाईकोर्ट भवन में वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमिशन की सुनवाई भी जारी रही। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने शनिवार को मामले की सुनवाई की। इस दौरान राज्य सरकार और जेएसएससी की ओर से मांगे गए कई महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।

हालांकि कुछ दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी आयोग के समक्ष प्रस्तुत की गई थी, लेकिन आयोग ने उन्हें स्वीकार करने से इंकार कर दिया। आयोग ने स्पष्ट कहा कि दस्तावेज विधिवत शपथपत्र के साथ प्रस्तुत किए जाने चाहिए। इसके बाद आयोग ने सरकार और जेएसएससी को अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिया कि 16 मई तक सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कराए जाएं।

गौरतलब है कि यह पूरा मामला स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 की नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। इससे संबंधित मीना कुमारी और अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर 257 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने पूरे मामले की जांच के लिए वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित करने का आदेश दिया था।

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