झारखंड PGT भर्ती: ‘डबल डिग्री’ मान्य होगी या नहीं…हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला…जानें कोर्ट में क्या हुई बहस

Jharkhand PGT Recruitment: Will a 'Double Degree' Be Valid or Not? High Court Reserves Verdict—Find Out What Transpired During the Arguments.

झारखंड की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक अहम मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। Jharkhand High Court में पीजीटी शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े डबल डिग्री विवाद पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब कोर्ट के अंतिम निर्णय पर टिकी है।

डबल डिग्री बना विवाद की जड़, आयोग के फैसले पर उठे सवाल

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

यह पूरा मामला पीजीटी बैकलॉग और नियमित भर्ती प्रक्रिया के दौरान सामने आया, जब दस्तावेज सत्यापन में कई उम्मीदवारों की उम्मीदवारी पर सवाल खड़े कर दिए गए। Jharkhand Staff Selection Commission ने आपत्ति जताई कि कुछ अभ्यर्थियों ने एक ही समय में दो डिग्रियां हासिल की हैं, जिसे आधार बनाकर उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई। इसी फैसले के खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

याचिकाकर्ताओं का पलटवार: नियमों के तहत ही ली गई डिग्री

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ताओं श्रेष्ठ गौतम, चंचल जैन और अमृतांश वत्स ने कोर्ट में दलील रखते हुए कहा कि आयोग का फैसला पूरी तरह मनमाना है। उनका कहना था कि अभ्यर्थियों ने University Grants Commission के नियमों के तहत ही डिग्रियां प्राप्त की हैं, ऐसे में उनकी उम्मीदवारी रद्द करना कानून के खिलाफ है।

दो महीने से अटका चयन, अभ्यर्थियों में बढ़ी बेचैनी

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जानकारी के मुताबिक, आठ विषयों के कुल 334 अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन अंतिम चयन सूची अब तक जारी नहीं की गई है। आयोग ने 10 फरवरी 2026 को दूसरी सूची जारी की थी और 18 से 24 फरवरी के बीच वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। इसके बावजूद करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।

फैसले पर टिकी उम्मीदें, आगे की राह होगी तय

अब इस पूरे मामले में हाईकोर्ट का फैसला ही तय करेगा कि अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी या आयोग का निर्णय बरकरार रहेगा। इस निर्णय का असर न सिर्फ प्रभावित उम्मीदवारों पर पड़ेगा, बल्कि भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण दिशा तय करेगा।

Related Articles

close