Namkum Thana Suicide Case: रांची के नामकुम थाना की हाजत में एक आरोपी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। Rakesh Ranjan ने ड्यूटी में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी सहित सात पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अलावा दो चौकीदारों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को अनुशंसा भेजी गई है।
एसएसपी के अनुसार हाजत की निगरानी में तैनात सहायक अवर निरीक्षक प्रभुवन कुमार, हवलदार सुधीर शर्मा, हवलदार गयानंद और आरक्षी मुकेश ठाकुर तथा राहुल प्रताप सिंह को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड किया गया है। वहीं चौकीदार रेहान अंसारी और महानंद टोप्पो के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है। पूरे Namkum Thana Suicide Case की जांच Ramkumar Verma को सौंपी गई है।
दरअसल यह मामला एक 12 वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक साइको कुंडापूर्ती की रहने वाली एक महिला ने जगाई मुंडा पर अपने बेटे रमेश हजाम के अपहरण और हत्या का आरोप लगाया था। जांच के दौरान पुलिस ने रामगढ़ के घाटों भुईयाडीह जंगल से आरोपी को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि महिला के साथ उसका कई वर्षों से प्रेम संबंध था, लेकिन बाद में विवाद होने पर उसने बदला लेने की नीयत से महिला के बेटे का अपहरण कर लिया। आरोपी बच्चे को बाइक से जंगल ले गया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए उसने चेहरे को पत्थर से कुचल दिया था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नामकुम थाना की हाजत में रखा गया था, जहां उसने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद Namkum Thana Suicide Case ने पुलिस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।