झारखंड: तारा शाहदेव केस: उम्रकैद की सजा काट रहे रकीबुल को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज
धर्म परिवर्तन, यौन उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना के चर्चित मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मुख्य अपील पर सुनवाई रहेगी जारी, झारखंड हाईकोर्ट ने तारा शाहदेव धर्म परिवर्तन, यौन उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। मुख्य अपील पर सुनवाई जारी रहेगी।

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने चर्चित नेशनल शूटर तारा शाहदेव धर्म परिवर्तन एवं यौन उत्पीड़न मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने उसकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पष्ट किया कि फिलहाल उसे राहत देने का कोई आधार नहीं बनता।
फिलहाल जेल में ही रहेगा रकीबुल
जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने यह आदेश उस अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया, जो सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ दायर आपराधिक अपील के साथ दाखिल की गई थी।हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। उसकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है, जबकि सीबीआई अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली मुख्य आपराधिक अपील पर सुनवाई आगे जारी रहेगी।
सजा के खिलाफ अपील अब भी लंबित
आपको बता दें कि रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील दायर की है। इसी अपील के साथ उसने अंतरिम जमानत की मांग भी की थी।सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों पर विस्तार से विचार किया, लेकिन अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, सजा के खिलाफ दायर मुख्य अपील पर सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
साढ़े सात साल जेल में रहने का दिया था तर्क
याचिका को लेकर रकीबुल की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वह साढ़े सात वर्ष से अधिक समय से जेल में बंद है। इसी आधार पर अंतरिम जमानत देने की मांग की गई।
लेकिन हाईकोर्ट ने माना कि केवल लंबे समय तक जेल में रहना जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता। इसके बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी।
सीबीआई कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद
यह मामला देशभर में उस समय चर्चा में आया था, जब राष्ट्रीय राइफल शूटर तारा शाहदेव ने शादी के बाद जबरन धर्म परिवर्तन, यौन उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे।रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनवाई के बाद रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक) की सजा सुनाई थी।इसी मामले में रकीबुल की मां कौशल रानी को 10 वर्ष के कारावास की सजा दी गई थी, जबकि न्यायिक सेवा के तत्कालीन बर्खास्त अधिकारी मुश्ताक अहमद को 15 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी।









