करवा चौथ 2022 : 46 साल बाद बन रहा ऐसा दुर्लभ संयोग, जानें पूजा विधि, मुहूर्त और चंद्रोदय का सही समय

नई दिल्ली। इस साल का करवा चौथ काफी खास माना जाता है। जहां एक ओर शुक्र ग्रह अस्त हो रहा है। वहीं दूसरी ओर ऐसे खास संयोग बन रहे हैं जो कई सालों बाद बने है। करवा चौथ (Karwa Chauth 2022) के दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना करते हुए सोलह श्रृंगार करती हैं और निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। इसके बाद रात में चंद्रमा को अर्घ्य करने के बाद व्रत खोलती हैं। वहीं इन दिन कुछ खास उपाय करके कुंडली में गुरु को मजबूत भी बना सकती हैं। आइए जानते हैं कि करवा चौथ के दिन कौन से उपाय करना होगा शुभ।

करवा चौथ पर बन रहा दुर्लभ संयोग

करवा चौथ पर इस बार काफी दुर्लभ संयोग बन रहा है। माना जा रहा है कि ऐसा संयोग करीब 46 सालों के बाद बना है। क्योंकि गुरु बृहस्पति अपनी स्वराशि मीन राशि में रहेंगे। ऐसे में वैवाहिक जीवन पर सुख प्रभाव पड़ने का पूरे आसार है। इसके अलावा इस इस साल करवा चौथ के दिन सर्वार्थ सिद्धि, बुधादित्य और महालक्ष्मी योग बन रहा है।

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करवा चौथ 2022 पूजा मुहूर्त

करवा चौथ की पूजा शुभ मुहूर्त में ही करनी चाहिए 13 अक्टूबर को शाम 6:01 से रात 7:15 तक पूजा की जा सकती है महिलाओं को पूजा के लिए पूरा एक घंटा 14 मिनट का समय मिलेगा।

करवा चौथ चांद निकलने का समय

करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व है ऐसे में पूरे दिन भर वृत्ति चांद निकलने का इंतजार करती है इस साल करवा चौथ का चांद 13 अक्टूबर को रात 8:19 पर निकलेगा।

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करवा चौथ पूजन विधि

करवा चौथ वाले दिन महिलाएं ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर सास या जेठानी के जरिए सरगी का सेवन करें ।

सरगी सूर्योदय के पूर्व किया जाना चाहिए, इसके बाद निर्जला व्रत का संकल्प लें

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शाम को सोलह सिंगार का शुभ मुहूर्त में पूरे विधि विधान से शिव परिवार और करवा माता की पूजा करें फिर व्रत की कथा सुनाएं।

चंद्रोदय के समय उत्तर पश्चिम दिशा में मुख कर चंद्रमा की पूजा करें ।करवे से अर्घ्य दें और फिर छलनी से चांद को देखने के बाद पति को देखें।

अब दूसरे करवे से पहले पति को पानी पिलाएं और फिर पति के हाथ से उसी करवे से जल पिए। इस तरह करवा चौथ की पूजा पूर्ण हो जाती है

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