ममता की आखिरी सांस: डूबते क्रूज में सीने से चिपकाए बेटे के साथ मिली मां की लाश, रूह कंपा देगा मंजर

बरगी डैम हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर आई सामने, चीखों और लहरों के बीच बिखर गया पूरा परिवार


मध्य प्रदेश के Jabalpur स्थित Bargi Dam में हुए भीषण क्रूज हादसे से लगातार दिल दहला देने वाली कहानियां सामने आ रही हैं। इस त्रासदी के बीच जो तस्वीर सामने आई है, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है—एक मां और उसका चार साल का बेटा, जिनके शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले।

बताया जा रहा है कि मां ने अपने बच्चे को बचाने की आखिरी कोशिश में उसे सीने से कसकर चिपका लिया था। लेकिन बेकाबू लहरों और डूबते क्रूज के बीच दोनों की जिंदगी एक साथ थम गई। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि बचाव दल के जवान भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए।

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दोनों दिल्ली से आए एक परिवार का हिस्सा थे। इस हादसे में जहां मां और बेटे की मौत हो गई, वहीं पिता और बेटी किसी तरह जिंदा बचने में कामयाब रहे। अब तक इस दुर्घटना में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अब भी लापता हैं।

हादसे से बचे एक शख्स ने उस खौफनाक पल को याद करते हुए बताया कि कैसे अचानक मौसम बिगड़ा और तेज आंधी ने सबकुछ बदल दिया। उनकी आंखों के सामने ही उनकी पत्नी, सास और पोता पलक झपकते ही गायब हो गए।

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उन्होंने बताया, “सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को समझ ही नहीं आया। बोट का संतुलन बिगड़ गया, पानी भरने लगा और हर तरफ चीख-पुकार मच गई। लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन कोई किसी को बचा नहीं पा रहा था।”

अपनी आपबीती सुनाते हुए उन्होंने कहा, “मैं खुद भी पानी में डूब रहा था। एक जगह फंस गया था, जहां सिर्फ मेरा सिर पानी से बाहर था। करीब दो घंटे तक मैं वहीं जिंदगी और मौत के बीच फंसा रहा। मेरे आसपास लाशें तैर रही थीं। लगा अब बचना नामुमकिन है, लेकिन फिर बचाव दल ने मुझे देख लिया और मेरी जान बच गई।”

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अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 24 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जिनमें से 17 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, पांच बच्चों सहित 9 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

इस हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और SDRF की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके।

हादसे के कारणों पर नजर डालें तो मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि शाम करीब 6 बजे हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। तेज हवाओं और ऊंची लहरों ने क्रूज का संतुलन बिगाड़ दिया, जिससे यह हादसा हुआ।

वहीं, जीवित बचे लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि लाइफ जैकेट समय पर नहीं दिए गए। उनका कहना है कि जब नाव डूबने लगी, तभी जैकेट बांटे गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों को उन्हें पहनने तक का मौका नहीं मिला।

राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।

बरगी डैम की इस त्रासदी ने कई परिवारों को हमेशा के लिए तोड़ दिया है। लेकिन मां और बेटे की यह तस्वीर शायद इस हादसे की सबसे दर्दनाक याद बनकर लंबे समय तक लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी।

 

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