विधायक होंगे मालामाल: 2.88 लाख सैलरी, अलिशान सुविधा, झारखंड के विधायक देश में सबसे ज्यादा पायेंगे सैलरी, 7वीं बार बढ़ रहा वेतन भत्ता, देखिये क्या-क्या बढ़ेगा

रांची। झारखंड के विधायक अब सबसे अमीर होंगे। विधायकों के वेतन भत्ते में बंपर बढोत्तरी होने वाली है। नसभा में विधानसभा ने इस संबंध में दो विशेष समितियों का गठन किया था। इन दोनों समितियों की अनुशंसा राज्य सरकार को विधानसभा प्रेषित करेगी। इसके बाद इस प्रस्ताव पर मुहर लगेगी। वेतन, भत्ता एवं अन्य सुविधाओं को मिलाकर फिलहाल, विधायकों को अभी मासिक दो लाख रुपये तक मिलता है। लेकिन अब ये बढ़कर 2.88 लाख होने वाली है।

विधायकों के आप्त सचिवों के वेतन में भी बढ़ोतरी की गई है। विधायकों का मूल वेतन 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार करने की अनुशंसा की गई है।इसके अलावा भत्तों में भी बढ़ोत्तरी की गई है। साथ ही पूर्व विधानसभा सदस्यों को एक निजी कर्मी दिए जाने का प्रस्ताव है। छह वर्ष बाद हो रही वृद्धि समिति ने अपनी अनुशंसा में कहा कि वर्तमान विधानसभा के सदस्यों को वर्ष 2017 में निर्धारित वेतन-भत्ता व पेंशन प्राप्त हो रहा है।

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इसलिए यह जरूरी लग रहा है कि बढ़ती हुई महंगाई को देख कर सदस्यों के वेतन-भत्ता और पेंशन में एक उचित राशि की वृद्धि की जाये। कुछ विधानसभा से जो प्रतिवेदन प्राप्त हुए हैं, उसमें महाराष्ट्र के सदस्यों का बेसिक वेतन 67 हजार है और महंगाई भत्ता 88 हजार रुपये हैं। इसी तरह अन्य राज्यों में भी अगल- अलग सुविधाएं सदस्यों को दी जा रही हैं। कई राज्यों में वर्ष 2022 व 2023 में वृद्धि की गयी है।

झारखंड 15 नवंबर 2000 को अलग राज्य के तौर पर अस्तित्व में आया. इसके बाद से सातवीं बार विधायकों के वेतन-भत्ते में वृद्धि होने जा रही है. इसके पहले वर्ष 2017 में तत्कालीन रघुवर दास की सरकार के कार्यकाल में विधायकों के वेतन-भत्तों में करीब 33 फीसदी बढ़ोतरी की गई. वर्ष 2001 में झारखंड के विधायकों को वेतन-भत्ते के रूप में महज 19,800 रुपए मिलते थे. अब नई वेतन वृद्धि के बाद 2001 की तुलना में करीब 14 गुना ज्यादा पैसे मिलेंगे।

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ऐसे बढ़ेगा वेतन, भत्ता और सुविधाएं

  1. वेतन 40 हजार रुपये मासिक की बजाय 60 हजार रुपये।
  2. सवारी भत्ता 3000 की बजाय 5000 रुपये मासिक।
  3. क्षेत्रीय भत्ता 65 हजार रुपये की बजाय 80 हजार रुपये।
  4. कार के लिए 20 लाख लोन चार प्रतिशत ब्याज पर।
  5. स्टेशनरी के लिए 10 हजार रुपये मासिक।
  6. निक भत्ता 2000 रुपये राज्य में और 2500 रुपये राज्य के बाहर।
  7. रेल, हवाई और पथ परिवहन के लिए 60 हजार का कूपन।
  8. चिकित्सा भत्ता 10 हजार रुपये प्रतिमाह।
  9. दूरभाष, मोबाइल, इंटरनेट के लिए सालाना एक लाख।
  10. उपस्कर एवं आवास सज्जा के लिए तीन लाख रुपये सालाना।
  11. समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह।
  12. आवास राज्य सरकार के नियमानुसार।
  13. 30 हजार रुपये मासिक पर अनुसेवक।
  14. आयकर की राशि का भुगतान राज्य सरकार करेगी।
  15. 40 लाख का होम लोन चार प्रतिशत ब्याज पर।
  16. पेंशन 50 हजार रुपया प्रतिमाह।
  17. पारिवारिक पेंशन पेंशन राशि का 75 प्रतिशत।
  18. दिल्ली स्थित झारखंड भवन में 100 रुपये में कमरा।
  19. निजी परिसहाय को 15 हजार प्रतिमाह।
  20. कंप्यूटर लैपटाप के लिए एक लाख।
  21. निजी सहायक को 50 हजार रुपये मासिक।
    विधानसभा की विशेष समिति ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्षों के लिए भी सुविधाओं का निर्धारण किया है। इसके तहत पूर्व विधानसभा अध्यक्षों को राजधानी रांची में किराया मुफ्त सुसज्जित आवास राज्य सरकार की तरफ से देय होगा। इसके अलावा एक आप्त सचिव, दो दिनचर्या लिपिक और दो अनुसेवक का प्रविधान है। एक वातानुकूलित कार चालक सहित और प्रतिमाह 300 लीटर ईंधन भी मिलेगा। इसके अलावा एक मोबाइल अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति तीन साल के अंतराल पर और 3000 रुपये प्रतिमाह, आवास में प्रति माह 5000 रुपये का विद्युत मुफ्त।

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