“पंचायतों को मिले पूर्ण अधिकार अन्यथा राज्य में होगा आंदोलन”…प्रमुख संघ की बैठक में बोले अध्यक्ष और महासचिव

हजारीबाग। प्रमुख संघ के अध्यक्ष संतोष मंडल की अध्यक्षता में पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक संपन्न हुई तथा मंच संचालन प्रमुख संघ महासचिव कुमारी बिनीता द्वारा किया गया। बैठक में पंचायती राज अधिनियम में उल्लेख दायित्व, शक्तियां, कर्तव्य व अधिकार शत प्रतिशत पंचायत प्रतिनिधियों को मिले, इसके लिए जिला भर के सभी पंचायतों से पंचायत प्रतिनिधि एक जुट हुए।
पंचायत समिति सदस्य ,प्रमुख ,उप प्रमुख सहित अन्य हुए उपस्थित
बैठक के माध्यम से जिला प्रशासन से लेकर झारखंड सरकार तक एक स्वर में आग्रह किया गया है की सरकार को इसके लिए अलग से कानून बनाने या काल्पनिक विचार करने का अनुरोध नही कर रहे है, बल्कि हमारी शक्तियां जो अधिनियम में उल्लेख है वही शत प्रतिशत हमे दिया जाय । ऐसा इसलिए अनुरोध किया जा रहा है क्योंकि प्रखंड विकास पदाधिकारी से लेकर संबंधित पदाधिकारी और कर्मी को ये मालूम ही नहीं है की पंचायत समिति सदस्यों की भागीदारी विकास की कार्यों में क्या है?

प्रखंड ,अंचल के आला अधिकारी से लेकर कर्मचारी द्वारा तवज्जो नहीं देने से काफ़ी रोष व्यक्त किया गया। साथ ही कहा गया की हम प्रतिनिधियों का ना ही कोई कार्य प्राथमिकता से करते है। इससे हमारी मानहानि होती रहती है, पंचायत समिति सदस्यों का फोन तक कर्मी नही उठाते है।
प्रमुख ,उप प्रमुख व पंचायत समिति को पंचायती राज अधिनयम 2001 में उल्लेख शक्तियां वा संपूर्ण दायित्व जिला प्रशासन द्वारा सौपने का आग्रह किया गया। गत 7 महीना से किसी तरह की प्रशिक्षण तक नही मिलना चिंता जनक है । पंचायत समिति सदस्यों का कहना है की हम तो जनता की सेवा करने आए है और अपने अपने क्षेत्रों का विकाश में एक कड़ी बन कर चहमुखही विकास करना चाहते है। प्रखंड अंचल के कार्मिकों को जनप्रतिनिधि की महत्व की प्रशिक्षणवाली मांग की गई।

उपरोक्त समस्या पर समाज सेवी मुन्ना सिंह ने संज्ञान लेते हुए सदर प्रमुख बिना देवी के माध्यम से न्यायालय में याचिका दायर कर अपना अधिकार का न्याय मांगने का सलाह दिया तथा पैरवी कर रहे अधिवक्ता से लगातार संपर्क कर जल्द से जल्द न्यायालय से न्याय दिलवाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है । इस बैठक में सभी प्रखंड के प्रमुख,उप प्रमुख एवं पंचायत समिति सदस्य उपस्थित हुए तथा अगला रणनीति तैयार करने का विचार करने हेतु संघ से अपील किए।

प्रखंड कार्यालय में प्रमुख ,उप प्रमुख कक्ष क्रियाशील अभी तक नही होना स्थानीय प्रशासन के प्रति निंदा प्रकट किया गया।पंचायत समिति सदस्यों को बैठने की कुर्सी तक प्रयाप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराई गई है। आम तौर पर सभी को कहना है की प्रमुख पूरे प्रखंड का मुख्य होते है लेकिन कागज और मुख पर चर्चा मात्र में सिमट जा रहा है।












