Paper Cup Risk: पेपर के कप में आप भी पीते हैं चाय? सावधान हो जाइये ! कैंसर की बन सकता है वजह, जानिये क्या है और खतरा

Paper Cup Health Risk, Microplastic in Tea Coffee, Paper Cup Side Effects, IIT Kharagpur Study, Health News Hindiपेपर कप में चाय-कॉफी पीना सुरक्षित नहीं! रिसर्च में माइक्रोप्लास्टिक का खतरा सामने आया। जानें इसके नुकसान और विशेषज्ञों की सलाह

हेल्थ डेस्क। ट्रेन हो या टपरी….आजकल लोग घर से बाहर चाय या कॉफी पीते समय ज्यादातर लोग प्लास्टिक कप की बजाय पेपर कप को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प मानते हैं। लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। हालिया शोधों और विशेषज्ञों की राय इस धारणा पर सवाल खड़े कर रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पेपर कप पूरी तरह कागज से नहीं बने होते, बल्कि उनमें प्लास्टिक की एक पतली परत भी होती है, जो गर्म पेय पदार्थों के संपर्क में आने पर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। रिसर्च में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि कागज के कप में चाय पीना कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को बुलावा है।

पेपर कप में छिपा है माइक्रोप्लास्टिक का खतरा

जानकारों के अनुसार पेपर कप के अंदर तरल पदार्थ को रिसने से रोकने के लिए पॉलीइथिलीन प्लास्टिक की कोटिंग की जाती है। जब इसमें गर्म चाय, कॉफी या अन्य पेय पदार्थ डाले जाते हैं तो यह परत धीरे-धीरे टूटने लगती है और बेहद सूक्ष्म प्लास्टिक कण यानी माइक्रोप्लास्टिक पेय में घुल सकते हैं।ये कण इतने छोटे होते हैं कि इन्हें सामान्य आंखों से देख पाना संभव नहीं होता, लेकिन शरीर के भीतर पहुंचने के बाद ये लंबे समय में स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

रिसर्च में क्या सामने आया?

आपको बता दें कि आईआईटी खड़गपुर के रिसर्च में पाया गया कि गर्म पेय पदार्थों के संपर्क में आने के कुछ ही समय बाद पेपर कप की अंदरूनी परत से माइक्रोप्लास्टिक कण निकलने लगते हैं। अध्ययन के अनुसार लगभग 15 मिनट के भीतर बड़ी संख्या में सूक्ष्म प्लास्टिक कण पेय पदार्थ में मिल सकते हैं।शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन कई बार पेपर कप में चाय या कॉफी पीता है तो उसके शरीर में हजारों माइक्रोप्लास्टिक कण पहुंच सकते हैं।

शरीर पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रोप्लास्टिक और कुछ रासायनिक तत्वों के लगातार संपर्क का संबंध विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा जा रहा है। हालांकि इन प्रभावों पर अभी भी दुनिया भर में शोध जारी है, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसके संभावित जोखिमों को लेकर चिंता जताई है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

संभावित प्रभावों में शामिल हैं:

  • हार्मोनल असंतुलन की आशंका
  • प्रजनन क्षमता पर प्रतिकूल असर
  • बच्चों के शारीरिक विकास पर प्रभाव
  • मोटापे और मेटाबॉलिक समस्याओं का बढ़ता जोखिम
  • लंबे समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की संभावना

विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जहां संभव हो, वहां स्टील, कांच, चीनी मिट्टी या पुन: उपयोग योग्य कपों का इस्तेमाल बेहतर विकल्प हो सकता है। विशेष रूप से बहुत गर्म पेय पदार्थों को लंबे समय तक पेपर कप में रखने से बचने की सलाह दी जाती है।पेपर कप को अक्सर प्लास्टिक के मुकाबले सुरक्षित माना जाता है, लेकिन वैज्ञानिक शोध यह संकेत देते हैं कि इसके इस्तेमाल को लेकर भी सावधानी बरतना जरूरी है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close