स्कूली बच्चों के लिए शुरू होगी खास योजना : मुख्यमंत्री करेंगे बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता….. हेडमास्टर, आयोग्य दूतों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

रांची: झारखंड का कल स्थापना दिवस है। राज्य सरकार इस मौके पर कई बड़ी योजना की शुरुआत करने जा रही है। इन्हीं योजनाओं में राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण योजना भी शामिल हैं। शासकीय व अनुदान प्राप्त स्कूलों में नामांकित 21.94 लाख किशोर-किशोरियों की स्वास्थ्य जांच अभियान के तहत योजना में शामिल किया जायेगा। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए झारखंड विद्यालय स्वास्थ्य अभियान चलाएगा। 80 प्रतिशत विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच करानेवाले स्कूलों के शिक्षकों, स्वास्थ्य दूतों तथा सहकर्मियों को प्रोत्साहन राशि मिलेगी। यह राशि प्रति स्कूल अधिकतम दो हजार रुपये होगी। इस राशि से ऐसे प्रत्येक स्कूल में प्रधानाध्यापक, दो आरोग्य दूतों तथा स्वास्थ्य जांच में सहयोग करनेवाले सहकर्मी को 500-500 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में मिलेंगे।
सोमवार को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर इस अभियान की लांचिंग हो सकती है। झारखंड विद्यालय स्वास्थ्य अभियान के तहत तीन चरणों में किशोर-किशोरियों की स्वास्थ्य जांच होगी। जानकारी के मुताबिक पहला चरण 30 नवंबर 2022 तक स्कूल स्तर पर स्वास्थ्य दूतों या शिक्षकों के माध्यम से शुरू होगी, जिसमें उन विद्यार्थियों की पहचान की जाएगी, जिन्हें चिकित्सीय सुविधा दी जानी है। दूसरे चरण में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कार्यरत मेडिकल टीम स्कूलों में जाकर चिन्हित बच्चों की जांच करेगी।
गंभीर बीमारी से पीड़ित या जांच की जरूरत वाले बच्चों की जांच प्रक्रिया अगले साल 31 जनवरी 2023 तक पूरी करनी है। एक से 10 फरवरी 2023 तक गंभीर रूप से बीमार चिन्हित बच्चों की सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों या अस्पतालों में रेफर कर उनका समुचित इलाज सुनिश्चित कराया जाएगा। स्कूलों में पढ़नेवाले बच्चों की स्वास्थ्य जांच नियमित रूप से नहीं होती। इससे उनमें एनीमिया, टीबी, आंख एवं कान से संबंधित बीमारियां, फ्लोरोसिस, घेंघा रोग आदि बीमारियां होने लगती हैं। समय पर इनकी पहचान होने से उन बीमारियों का बेहतर इलाज हो सकता है।

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