देश जल रहा, लेकिन रांची में मौसम मेहरबान… मई में भी लोगों को मिल रही ठंडी हवाओं की राहत…जानिए कब तक मिलेगी राहत

The country is sweltering, yet the weather in Ranchi remains benevolent... Even in May, residents are finding relief in cool breezes... Find out how long this respite will last.

रांची। देश के कई राज्यों में इस समय भीषण गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, लेकिन झारखंड की राजधानी Ranchi में इस बार मौसम ने अलग ही रंग दिखाया है।

लगातार आंधी, गरज-चमक और बारिश की वजह से राजधानी का मौसम सुहावना बना हुआ है। मई के महीने में भी सुबह और शाम लोगों को ठंडी हवा और राहत भरा एहसास मिल रहा है।

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मौसमी सिस्टम ने रोकी गर्म हवाओं की एंट्री

मौसम विभाग के अनुसार इस बार पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन जैसे सिस्टम लगातार सक्रिय बने रहे। यही वजह है कि गर्म और शुष्क हवाएं ज्यादा असर नहीं दिखा सकीं।

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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन सक्रिय सिस्टम की वजह से राजधानी का तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।

अप्रैल में दो दिन बढ़ी तपिश, फिर बारिश ने बदला पूरा मौसम

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अप्रैल के आखिरी सप्ताह में रांची में दो दिनों तक तेज गर्मी महसूस की गई थी। उस दौरान शहर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

विशेषज्ञों के मुताबिक उस समय कोई सक्रिय मौसमी सिस्टम मौजूद नहीं था और उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली गर्म व शुष्क हवाओं ने तापमान बढ़ा दिया था। आसमान साफ रहने से धूप का असर भी ज्यादा दिखा।

लेकिन मई की शुरुआत होते ही मौसम ने करवट ले ली। लगातार बारिश और तेज हवाओं ने गर्मी की तपिश कम कर दी। फिलहाल राजधानी का अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से कम माना जा रहा है।

2024 बना सबसे गर्म साल, 2017 में टूटा था रिकॉर्ड

अगर पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 रांची के लिए सबसे गर्म साल साबित हुआ था। उस दौरान अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।

वहीं पिछले दस वर्षों में सबसे ज्यादा तापमान 15 मई 2017 को दर्ज हुआ था, जब राजधानी का पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

इस बार लगातार बदलते मौसम और बारिश ने लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी से काफी हद तक बचाकर रखा है।

7 जून तक झारखंड पहुंच सकता है मानसून

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक Abhishek Anand ने बताया कि इस साल 26 मई तक केरल में मानसून के प्रवेश की संभावना है।

इसके बाद मानसून की गति अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम, हवाओं की दिशा और तापमान पर निर्भर करेगी। सामान्य परिस्थितियों में केरल पहुंचने के करीब 12 दिन बाद मानसून झारखंड में प्रवेश करता है।

ऐसे में 7 जून तक मानसून के झारखंड पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसमें कुछ दिनों का बदलाव संभव है।

आज और कल भी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने 17 और 18 मई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।

वहीं 19 मई को धनबाद और कोडरमा से लगे इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज गर्जन, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक 20 से 22 मई तक भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवा का दौर जारी रह सकता है।

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