आज का सावन सोमवार पर शुभ संयोग : मलमास की शिवरात्रि पर सावन सोमवार का संयोग.. करें ये उपाय, सारी मनोकामना होगी पूरी

सनातन धर्म में सावन सोमवार और अधिकमास का बेहद खास महत्व माना जाता है. सावन सोमवार और शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की उपासना की जाती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि मनाई जाती है. खास बात है यह है कि इस बार सावन सोमवार और अधिकमास की शिवरात्रि 14 अगस्त यानी आज मनाई जा रही है. जिसके साथ सावन सोमवार और शिवरात्रि अद्भुत संयोग बनने जा रहा है. जिसके कारण यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आइए जानतें हैं अधिक मास की शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व.

सावन सोमवार और अधिकमास शिवरात्रि पर शुभ मुहूर्त

अधिकमास कृष्ण चतुर्दशी की तिथि 14 अगस्त 2023 यानी आज सुबह 10 बजकर 25 मिनट से शुरू और इस तिथि का समापन 15 अगस्त यानी कल दोपहर 12 बजकर 42 मिनट पर होगा. पूजा का समय रात 12 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा (15 अगस्त 2023). साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी होने जा रहा है जिसका समय सुबह 11 बजकर 07 मिनट से 15 अगस्त सुबह 05 बजकर 50 मिनट तक रहेगा.

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अधिकमास की मासिक शिवरात्रि 3 साल में एक बार आती है. ऐसे में इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं. इसके बाद भगवान शिव (भगवान शिव के प्रतीक) का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें. भगवान शिव का जलाभिषेक करें. शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं. धतूरा, बेलपत्र, शहद, दही, चंदन अर्पित करें. इस दिन शिव चालीसा का पाठ करें. इसके बाद भगवान शिव को भोग लगाएं और आरती करें.

सावन की शिवरात्रि का महत्व

सावन की शिवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. सावन शिवरात्रि पूरे भारत में मनाई जाती है. भक्त इस दिन शिव मंदिर में जाकर पूजा और जलाभिषेक करते हैं. बारह ज्योर्तिलिंगों में इस दिन विशेष पूजा आयोजन होता है. साथ ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा जल से अभिषेक करते हैं. इस शुभ अवसर पर भक्त भगवान शिव की प्रार्थना करते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लेते हैं ताकि उनके जीवन की सारी समस्या खत्म हो.

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अधिकमास शिवरात्रि उपाय

  1. धन और समृद्धि के लिए शिवरात्रि के दिन घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और इसकी रोजाना विधिवत तरीके से पूजा करें.
  2. शिवरात्रि के दिन पूजा में 21 बेल पत्र पर चंदन से ‘ ऊं नमः शिवाय’ लिख कर भगवान शिव को समर्पित करें. ऐसा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं.
  3. जिन लोगों के जीवन में वैवाहिक जीवन में किसी तरह की कोई परेशानी आ रही हो उन्हें शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को गुलाब की पंखुड़ियों को अर्पित करने की सलाह जाती है.

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