शिक्षक को अल्टीमेटम: “क्यों ना आपकी नियुक्ति कर दी जाये रद्द, करवाया जाये FIR”….सोशल मीडिया में विरोध पड़ा महंगा, 24 घंटे में मांगा गया जवाब

बगहा। दक्षता परीक्षा का विरोध करना शिक्षक को महंगा पड़ गया। शिक्षा विभाग ने शिक्षक से जवाब तलब किया है। मालूम हो कि शिक्षकों को भड़काने का प्रयास करना बिहार विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2023 के नियम-4 के खिलाफ है। शिक्षक का नाम विनोद उपाध्याय है, जो बगहा के राजकीय बुनियादी विद्यालय पिपरासी शास्त्रीनगर में पदस्थ हैं। विनोद उपाध्याय और उनके समर्थक इस निर्णय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, विनोद ने कहा कि वह किसी भी जुलूस में शामिल नहीं थे। उसके बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है जो ठीक नहीं है।
जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग के निर्देश का विरोध जताते हुए शिक्षक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दक्षता परीक्षा का विरोध किया था। दरअसल, बगहा के राजकीय बुनियादी विद्यालय पिपरासी शास्त्रीनगर के शिक्षक विनोद उपाध्याय का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। अधिकारियों के संज्ञान में ये वीडियो आने के बाद स्पष्टीकरण की मांग की गई है।
शिकायत के मुताबिक विनोद उपाध्याय पर पहले भी सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने का आरोप लग चुका है। शिक्षा विभाग ने इनके वीडियो को नियमों के खिलाफ पाया है। जारी नोटिस के मुताबिक शिक्षक से विभाग ने पूछा है कि क्यों ना आपका नियोजन निरस्त कर दिया जाये और प्राथमिकी दर्ज कराया जाये। 24 घंटे में स्पष्टीकरण पर जवाब मांगा गया है। अगर जवाब नहीं आता है तो विभाग की तरफ से शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।











