Video: संविदाकर्मियों का उग्र प्रदर्शन, नियमितिकरण की मांग करते स्वास्थ्यकर्मियों को तोड़ा बैरिकेट, कई जगहों पर पुलिस से झड़प, देखे विडियो

रांची। नियमितिकरण की मांग कर रहे संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने आज राजधानी की सड़कों पर उग्र तेवर दिखाये। नर्स और पारा मेडिकल स्टाफ ने मुख्यमंत्री निवास के घेराव की कोशिश की, इस दौरान पुलिस के सात झूमा झटकी भी हुई। राजभवन के पास पुलिस ने बरिकेटिंग कर रखी थी, जहां प्रदर्शन ने मामूली झड़प के बाद बैरिकेट को तोड़ दिया और आगे बढ़ गयी। इस आंदोलन को झारखंड ऑल पारा मेडिकल एसोसिएशन ने भी अपना समर्थन दिया है।

दरअसल ये चिकित्साकर्मी लंबे समय से नियमितिकरण की मांग कर रहे हैं। सरकार ने कई बार आश्वासन भी दिया, लेकिन उनकी मांगों पर सरकार ने गंभीरता पूर्वक कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद अब चिकित्साकर्मियों ने नियमितिकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकाली हड़ताल का ऐलान किया है। कल से प्रदेश भर के संविदा स्वास्थ्यकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़ी नर्स और पारा मेडिकलकर्मियों के आंदोलन की वजह से राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था पर खासा असर पड़ रहा है. खासकर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराने गयी है. वहीं टीकाकरण सहित कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम पर भी इसका असर पड़ा है।

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यहां देखे विडियो….

आज महिला स्वास्थ्यकर्मी काफी उग्र दिखी, अलग-अलग खेमे में बंटे स्वास्थ्यकर्मियों का एक जत्था राजभवन के पास गेट नंबर 1 पर पहुंचा, तो दूसरी तरफ ने मुख्यमंत्री आवास की तरफ रूख कर लिया। हालांकि दोनों जगहों पर पुलिस ने उन्हें रोका। इस दौरान पुलिस के साथ जमकर धक्का मुकी हुई। मोरहाबादी में ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर वहीं सभा करने की पुलिस अधिकारियों द्वारा मांग को NHM अनुबंधित नर्से और पारा मेडिकलकर्मी संघ के नेताओं ने अस्वीकार कर दिया है।

राजभवन पर रोके जाने से आक्रोशित नर्सों की पुलिस से झड़प हुई और प्रदर्शनकारी मेडिकल स्टाफ बैरिकेडिंग तोड़ कर आगे निकल गयी हैं। आंदोलनरत अनुबंधित नर्सों का कहना है कि अब निर्णायक आंदोलन होगा. मंगलवार को 17 जनवरी 2023 से राजभवन के पास अनिश्चितकालीन धरना, हड़ताल और 24 जनवरी से वो आमरण अनशन करेंगे। आपको बता दें कि पिछले करीब 10 सालों से पारा मेडिकल स्टाफ और नर्स एनएचएम में कार्यरत हैं। नर्सें वर्ष 2015 से ही सेवा स्थायीकरण की मांग को लेकर आंदोलन करता आ रही हैं. हर बार विभाग और सरकार से आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन स्थगित होता रहा। लेकिन, इस बार प्रदर्शनकारी ज्यादा उग्र दिख रहे हैं।

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