करवा चौथ पर गजरा लगाना क्यों माना जाता है शुभ, क्या है गजरा, कहां से आया? क्यों करवा चौथ पर रहती है इसकी डिमांड

रांची। गजरा खुबसूरती को चार चांद लगाता है। हिंदू धर्म में गजरा का विशेष महत्व है। पुराने समय में जब महिलाएं सोलह श्रृंगार करती थीं तो बालों में गजरा जरूर लगाती थीं। दक्षिण भारत में पूजा से लेकर फंक्शन और त्योहारों में महिलाएं गजरा जरूर लगाती हैं। आजकल गजरा लगाने का काफी फैशन है खासतौर से करवा चौथ पर महिलाएं बालों में गजरा जरूर लगाती हैं। चमेली के सुगंधित फूलों से बना गजरा सिर्फ देखने में ही सुंदर नहीं लगता बल्कि इसकी खुशबू किसी को भी दीवाना बना सकती है। करवा चौथ पर गजरा का खासा महत्व है। महिलाएं इसे सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं लगाती, बल्कि इसे लेकर पुरानी मान्यता भी है।
करवा चौथ पर गजरा का महत्व
गजरा को सौभाग्य और समृद्धि की निशानी माना जाता है. महिलाओं के बालों में जैसे गजरा महकता है उसी तरह आपके रिश्ते में महक बनी रहे, इसलिए गजरा लगाया जाता है। बेला-चमेली के फूलों का गजरा घर में सुख शांति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि गजरा लगाने से धन की देवी लक्ष्मी खुश होती हैं और इससे पति पत्नी के बीच प्रेम बना रहता है।
गजरा का क्या है धार्मिक महत्व
गजरा में ज्यादातर सफेद बेला-चमेली के फूलों का इस्तेमाल किया जाता है। गजरा दिखने में जितना सुंदर लगता है उतना ही कोमल होता है. मान्यता है कि गजरा में इस्तेमाल होने वाले फूल मां लक्ष्मी को पसंद हैं। जब आप इन्हें अपने बालों में लगाती हैं तो देवी आपसे खुश होती हैं। लक्ष्मीजी को गजरा या चमेली के फूल चढ़ाना भी शुभ माना जाता हैं. नारी को देवी का रूप माना गया है जिनके बालों में गजरा लगाया जाता है।
गजरा का क्या है इतिहास
राजा-रानियों के वक्त में महारानी गजरा लगाती थीं। दक्षिण एशिया में महिलाएं श्रृंगार और आभूषण के रूप में गजरा का इस्तेमाल करती थीं। किसी खास उत्सव, पूजा और शादियों में गजरा लगाने का चलन है। आजकल कई तरह के फूलों से गजरा बनाया जाता है, लेकिन जो असली गजरा होता है वो चमेली के फूलों से बनाया जाता है। महिलाएं बालों और जूड़ा में गजरा लगाती हैं। कई जगह आभूषण के तौर पर भी गजरा को हाथ, गले और बालों में पहना जाता है।










