ट्रांसफर और वेतन विसंगति को लेकर नाराज शिक्षकों का फूटा गुस्सा, CM हाउस का घेराव…

रांची: गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, सुनिश्चित वृति उन्नयन योजना एमएसपी का लाभ देने, छठे वेतनमान की विसंगतियों के समाधान तथा अंतर जिला स्थानांतरण नियमावली में आवश्यक संशोधन कर इसे सरल बनाने की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षकों ने आंदोलन की घोषणा कर दी है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की रविवार को बैठक रांची में कचहरी स्थित बीआरसी भवन में हुई जिसमें आंदोलन का निर्णय लेते हुए इसके कार्यक्रम तय किए गए। इसके तहत राज्य भर के प्राथमिक शिक्षक अपनी मांगों को लेकर 19 नवंबर को रांची में सीएम आवास का घेराव करेंगे।

4 सूत्री मांगों पर सरकार ने नहीं की पहल

बैठक में जिलों से आए शिक्षक प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के पक्षपातपूर्ण रवैया पर आक्रोश व्यक्त किया। विगत दिनों शिक्षकों की 4 सूत्री मांग का ज्ञापन राज्य के सभी जिलों से मुख्यमंत्री को समर्पित किया था। लेकिन सरकार स्तर से अब तक उनकी मांगों पर कोई पहल नहीं की गई। राज्य के सभी कर्मियों को एमएसपी का लाभ दिया जाता है लेकिन शिक्षकों को इससे वंचित रखा गया है।

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सात हजार शिक्षक तबादले की कर रहे प्रतीक्षा

इसी तरह, छठे वेतनमान में वेतन निर्धारण की विसंगति को सचिवालय कर्मियों के लिए दूर कर दिया गया है लेकिन शिक्षकों को अबतक इसकी विसंगति का खामियाजा उठाना पड़ रहा है। सात हजार शिक्षक अपने गृह जिले में पदस्थापित होने का इंतजार कर रहे हैं। वर्ष 2020 में ही विभागीय मंत्री ने शिक्षको को अंतर जिला स्थानांतरण के माध्यम से उनके गृह जिला में पदस्थापित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक शिक्षक इससे वंचित हैं। शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से अभी तक मुक्त नहीं किया जा सका।

2 दिन काला बिल्ला लगाकर करेंगे काम

बैठक में तय हुआ कि 4 और 5 नवंबर को प्रदेश के सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालय के शिक्षक काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। 7 से 12 नवंबर के बीच राज्य के सभी जनप्रतिनिधियों को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। 19 नवंबर को हजारों की संख्या में शिक्षक मुख्यमंत्री आवास के समक्ष करेंगे धरना प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी यदि उनकी मांग पर कार्यवाही नहीं हुई तो 17 दिसंबर से शिक्षक अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे।

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