जादूगर ओपी शर्मा का निधन : इंद्रजाल का तिलिस्म टूट गया…जादू की दुनिया के शहंशाह ओपी शर्मा नहीं रहे… कोरोना के बाद से…

कानपुर। जादू की दुनिया का सबसे मशहूर नाम ओपी शर्मा अब इस दुनिया में नहीं रहे। अपनी हाथों की सफाई से चमत्करित कर देने वाले ओपी शर्मा ने देर रात कानपुर में अंतिम सांस ली। वो कोरोना से बीमार चल रहे थे और मौजूदा समय में फार्च्यून अस्पताल में भर्ती थे। उनका डायलिसिस भी चल रहा था और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ओपी शर्मा मूल रूप से बलिया जिले के रहने वाले थे। उन्होंने फॉर्च्यून हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही शहर में शोक की लहर दौड़ गई। रंगमंच और इंद्रजाल की दुनिया का हर शख्स गमगीन हो गया।
ओपी शर्मा के घर का नाम भूत बंगला है, जो शहर की एक पहचान बन चुका है। बर्रा से पहले वह शास्त्रीनगर इलाके में रहते थे। वह अपने शो में अक्सर कहते थे, एक झटके में कोई जादूगर तैयार नहीं होता। इसमें कितना परिश्रम और चुनौतियां हैं, इसका हर कोई अनुमान नहीं लगा सकता ।
समाजवादी पार्टी के टिकट पर 2002 में गोविंद नगर सीट से चुनाव लड़ने वाले ओपी शर्मा ने वर्ष 2019 में भाजपा का दामन थाम लिया था। 10 अगस्त 2019 को लाजपत भवन में भाजयुमो के एक कार्यक्रम में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी।
जादूगर ओपी शर्मा कभी भी किसी भी शहर में शो करने जाते थे तो उनके साथ 100 से अधिक लोगों का काफिला होता था। उनकी टोली में सहयोगी पुरुष एवं महिला कलाकारों, संगीतकारों, गायकों, मेकअप मैन, प्रकाश नियंत्रक, पेंटर, दर्जी, जैसे कई सहयोगी होते थे। इनके अलावा खानसामा, धोबी, नाई आदि का भी समूह होता था। जब एक जगह से दूसरी जगह ओपी शर्मा रवाना होते थे तो इंद्रजाल का सारा सामान 16 से अधिक ट्रकों में समाता था।











